रानीगंज : बेलसरा सरपंच गब्बू यादव हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजन व ग्रामीणों ने सोमवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित काली मंदिर चौक के समीप सड़क जाम कर दिया. बेलसरा से लाठी-डंडा लेकर आयीं गांव की सैकड़ों महिलाओं ने टायर जलाकर मुख्य सड़क पर आवागमन बाधित कर दिया.
सड़क पर उतरे ग्रामीण, छह घंटे एनएच 327 ई व 77 िकया जाम
रानीगंज : बेलसरा सरपंच गब्बू यादव हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजन व ग्रामीणों ने सोमवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित काली मंदिर चौक के समीप सड़क जाम कर दिया. बेलसरा से लाठी-डंडा लेकर आयीं गांव की सैकड़ों महिलाओं ने टायर जलाकर मुख्य सड़क पर आवागमन बाधित कर दिया. घटना के […]

घटना के प्रति परिजन व ग्रामीणों का आक्रोश देख स्थानीय दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं. घटना की सूचना पर रानीगंज थाने के एसआई वृंद कुमार व डीपी यादव सदल बल मौके पर पहुंचे.
दोनों ने आक्रोशितों को शांत करने का प्रयास किया. घटना के 18 दिन बाद भी एक भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने दोनों पुलिस पदाधिकारियों की फजीहत कर दी. मौके की नजाकत को देखते हुए एसआई ने रानीगंज थानाध्यक्ष सहित अपने वरीय पुलिस अधिकारी को सूचित कर दिया.
तीन दिनों में अपराधियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर टूटा जाम
इधर, मौके पर मौजूद मृत सरपंच कुमार शशिभूषण उर्फ गब्बू यादव के बड़े भाई विमल कुमार ने कहा कि मेरी आंखों के सामने गब्बू को दिनदहाड़े बेखौफ अपराधियों ने हत्या कर दी थी. घातक हथियारों से लैस आधा दर्जन से अधिक अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया था. दिनदहाड़े एक बजे हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गये थे.
आज घटना के 18 दिन बाद भी पुलिस एक भी अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. पहले तो चुनाव का हवाला दिया गया था, लेकिन अब तो चुनाव भी संपन्न हो गया है. अब तक इस मामले में न तो कोई वरीय पदाधिकारी जांच के लिए गांव पहुंचे हैं न ही अपराधियों की गिरफ्तारी ही हुई है. उन्होंने कहा कि पुलिस की उदासीनता से मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ रहा है.
काफी मशक्कत के बाद थानाध्यक्ष शंभू कुमार व पुलिस निरीक्षक राकेश कुमार रमन स्थानीय बुद्धिजीवियों के सहयोग से आक्रोशित परिजनों को मनाने में सफल हुए. तीन दिनों में अपराधियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर थानाध्यक्ष ने तत्काल स्थिति को सामान्य किया. इस बीच लगभग छह घंटे तक एसएच 77 व एनएच 327 ई पर आवागमन बाधित रहा.