अररिया : बिहार में शराबबंदी के बाद खासकर लीवर की समस्या में काफी कमी आयी है. जबकि शराबबंदी से पूर्व अधिकांश लोग लीवर की समस्या से ग्रसित रहते थे. स्वास्थ्य विभाग की मानें तो शराबबंदी के बाद लीवर की समस्या के मरीजों में काफी कमी आयी है. जबकि सदर अस्पताल में बीते दो माह में महज 60 से अधिक लोगों की लीवर की जांच की गयी है.
सदर अस्पताल के एनसीडी क्लिनिक में होता है लीवर का इलाज, लीवर के कितने हैं मरीज, विभाग को पता नहीं
अररिया : बिहार में शराबबंदी के बाद खासकर लीवर की समस्या में काफी कमी आयी है. जबकि शराबबंदी से पूर्व अधिकांश लोग लीवर की समस्या से ग्रसित रहते थे. स्वास्थ्य विभाग की मानें तो शराबबंदी के बाद लीवर की समस्या के मरीजों में काफी कमी आयी है. जबकि सदर अस्पताल में बीते दो माह में […]

सदर अस्पताल के एनसीडी क्लिनिक में होता है लीवर का इलाज, लीवर के कितने हैं मरीज, विभाग को पता नहीं
सदर अस्पताल में खासकर लीवर की जांच के लिए एनसीडी क्लीनिक खोला गया है. इसमें लीवर की जांच के बाद लीवर डिजिट जांच के बाद अगर लीवर में किसी प्रकार की समस्या पायी जाती है तो फर्स्ट स्टेप का इलाज सदर अस्पताल में हो पाता है, लेकिन अगर पहला स्टेप मरीज पार कर चुके होते हैं तो उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजा जाता है.
शराब बंद होने से लीवर के मरीजों में आयी कमी : स्वास्थ्य विभाग की मानें तो शराब के अधिक सेवन से इसका असर लीवर पर पड़ता है. नतीजा लीवर में सूजन और पेट की समस्या देखने को मिलती थी. शराबबंदी से पहले लीवर के मरीजों में काफी कमी आयी है, लेकिन शराबबंदी के बाद आधे से भी कम मरीज हो गये.
वहीं अनुमानित आंकड़ों के अनुसार लीवर की बीमारी 20 प्रतिशत तक घटी है. हालांकि अब सदर अस्पताल में लिवर मरीजों की जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है. इसके लिए सदर अस्पताल में ही लीवर की जांच हो जाती है. साथ ही सदर अस्पताल के एक वार्ड में एनसीडी क्लीनिक खोला गया है, जहां खासकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है.
लीवर खाना खराब होने का मुख्य कारण
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरएन सिंह व चिकित्सक डॉक्टर जेएन माथुर ने बताया कि शरीर के लीवर एक महत्वपूर्ण अंग होता है. लीवर शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना, भोजन पचाने में मदद, रसायनों का उत्पादन और डिटॉक्सीफिकेशन जैसे काम करता है.
शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए 80 फीसद काम लीवर का होता है, लेकिन आपकी खानपान की गलत आदतों के कारण लीवर पर बुरा असर पड़ता है, जिससे लीवर में सूजन और उसके खराब होने की समस्या हो जाती है. खासकर लोग खानपान में परहेज नहीं करते हैं. इस कारण लीवर की समस्या हो जाती है.
लीवर खाना खराब होने का मुख्य कारण
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरएन सिंह व चिकित्सक डॉक्टर जेएन माथुर ने बताया कि शरीर के लीवर एक महत्वपूर्ण अंग होता है. लीवर शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना, भोजन पचाने में मदद, रसायनों का उत्पादन और डिटॉक्सीफिकेशन जैसे काम करता है.
शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए 80 फीसद काम लीवर का होता है, लेकिन आपकी खानपान की गलत आदतों के कारण लीवर पर बुरा असर पड़ता है, जिससे लीवर में सूजन और उसके खराब होने की समस्या हो जाती है. खासकर लोग खानपान में परहेज नहीं करते हैं. इस कारण लीवर की समस्या हो जाती है.
इन सारी बातों का ख्याल रखें लीवर के मरीज
चिकित्सकों के मुताबिक लीवर से ग्रसित मरीजों को घरेलू उपाय के जरिये भी लीवर से जुड़ी हर परेशानी को दूर कर सकते हैं. दूषित खाना व पानी, मसालेदार और चटपटी चीजें खाना, विटामिन बी की कमी, एंटीबायोटिक दवाइयों का अधिक सेवन, मलेरिया या टायफायड, कॉफी, जंक फूड का सेवन, सिगरेट, शराब के कारण छह घंटे से कम नींद लेना. ऐसे में लीवर की समस्या हो सकती है. इसलिए इन सब चीजों से बचने की जरूरत है.
ये लक्षण, तो हो सकता है लीवर खराब
चिकित्सकों कोई मानें तो कुछ लोगों को लीवर में सूजन आ जाती है. इससे पेट का आकार बढ़ जाता है. ऐसे में इसे मोटापा समझने की गलती करना आपको परेशानी में डाल सकता है. अगर आपको उस स्थान पर समय-समय पर दर्द हो रहा हो, तो चिकित्सक को जरूर दिखायें.
अत्यधिक थकान होना, त्वचा का रूखा होना और आंखों के आसपास काले घेरे हो जाना कभी-कभी लीवर की खराबी का नतीजा भी होता है. लीवर कमजोर होने की स्थिति में त्वचा क्षतिग्रस्त, बेजान हो जाती है. साथ ही से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं. लीवर खराब होने की स्थिति में पेशाब का रंग बदल जाता है. ऐसा होने पर पेशाब का रंग गहरा हो जाता है. इसके अलावा जांडिस के लक्षण जैसे नाखूनों व आंखों के सफेद भाग का पीला हो जाना भी इसमें शामिल है.
सदर अस्पताल के एनसीडी क्लिनिक जायें लीवर मरीज
स्वास्थ्य विभाग लीवर से ग्रसित मरीजों के लिए सक्रिय है. इसके लिए जिले के सभी चिकित्सा प्रभारी को यह निर्देश दिया गया है कि अगर लीवर से संबंधित कोई भी मरीज आते हैं तो उन्हें सदर अस्पताल के एनसीडी क्लीनिक में भेजना है. एनसीडी क्लीनिक के माध्यम से लीवर से ग्रसित मरीजों का इलाज किया जाता है. इसके साथ ही स्वास्थ विभाग लीवर से हो रही समस्या प्रमुख कारण व बचाव कैसे किया जाये. इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग प्रेरित करने का काम करता है.
डॉक्टर सुरेश प्रसाद सिन्हा, सीएस