मृत छात्रा के बूढ़े माता-पिता व परिजनों के चीत्कार से नम हुईं सबों की आंखें

फारबिसगंज : फारबिसगंज-पटना बस स्टैंड के समीप फोरलेन पर सड़क पार करने के क्रम में ट्रक के चपेट में आने से छात्रा मीनाक्षी कुमारी की मौत के बाद उसके बूढ़े पिता महेंद्र प्रसाद मेहता व बूढ़ी मां राजमणि देवी सहित अन्य मृतका के बहनों व परिजनों की चीत्कार माहौल गमगीन हो गया. जिस पुत्री को […]

फारबिसगंज : फारबिसगंज-पटना बस स्टैंड के समीप फोरलेन पर सड़क पार करने के क्रम में ट्रक के चपेट में आने से छात्रा मीनाक्षी कुमारी की मौत के बाद उसके बूढ़े पिता महेंद्र प्रसाद मेहता व बूढ़ी मां राजमणि देवी सहित अन्य मृतका के बहनों व परिजनों की चीत्कार माहौल गमगीन हो गया.

जिस पुत्री को बस से रिसीव करने के लिए सड़क के दूसरी तरफ पहुंच कर खड़े बूढ़े पिता ने बस से उतरते अपने पुत्री को एक झलक देखा और पलक झपकते ही उनकी पुत्री इस संसार मे नहीं रही ये दृश्य आंखों से देखने वाले बूढ़े पिता का तो रो रो कर बुरा हाल बना है. बताया जाता है कि महेंद्र प्रसाद मेहता एक डाकिया हैं. उन्हें पांच पुत्रियां हैं. इधर, मृत छात्रा के रोते बिलखते बूढ़े माता-पिता, बहनों व परिजनों को समाजसेवी दिलीप मेहता, अरुण मेहता, रमेश मेहता, विनोद मेहता सांत्वना देने में लगे रहे.
चुनाव को ले ग्रामीण क्षेत्रों में शराब का हो रहा भंडारण
अररिया : बिहार में शराबबंदी है, लेकिन शराब पीने के शौकीन किसी न किसी उपाय से शराब का जुगाड़ कर ही ले रहे हैं. अभी होली की खुमारी लोगों की टूटी भी नहीं कि लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया. चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले अपनी थकान मिटाने, शराब पिलाकर मतों को अपने पक्ष में करने के प्रयास में भी शायद ही कोई कोर कसर छोड़ें. इस सच्चाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता.
मिल रही सूचना के मुताबिक नेपाल और बंगाल की सीमा से सटे गांव की बात तो छोड़ दें तो शहर से लेकर गांव की गलियों तक शराब पीने वालों को बदस्तूर होम डिलीवरी दी जा रही है. इसके लिए शराब के कारोबारी शराब का भंडारण करने में जुट गये हैं. हालांकि थाना पुलिस व उत्पाद विभाग की नजर इन कारोबारियों पर सख्त है. इसी का नतीजा है कि शराब की खेप पकड़ा भी रही है.
चुलाई शराब भी बरामद की जा रही है. बावजूद इसके शराब की आमद और बिक्री पर असर नहीं दिख रहा है. सियासी माहौल में यह भी चर्चा हो रही है कि अमुक गांव में, अमुक व्यक्ति के यहां रात गुजारेंगे. सो, उनको सभी इंतजाम करने के लिए कह दिया है. पैसा भी दे दिया है. बहरहाल, चुनावी मौसम में जहां शराब के कारोबारियों पर प्रसाशन सख्त है तो दूसरी ओर शौकीन अपने हिसाब से इंतजाम करने में लगे हैं.

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