पटना. कट्टरपंथी आतंकी संगठन अलकायदा का एक विंग इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर (आइटीसी) अपने वेब पोर्टल पर जिहादी साहित्यों का अनुवादक खोज रहा है. इसके लिए वो बिहार के युवाओं को जिहादी साहित्य से जुड़ने की अपील कर रहा है. उसके अनुवाद के लिए पैसे की पेशकश कर रहा है. इस काम के लिए खास कर मुस्लिम युवक और युवतियों को बरगलाया जा रहा है. जिहादी मीडिया के नाम पर हो रही इस कार्रवाई पर गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है.
विशेष शाखा के आइजी ने किया पत्र जारी
इसको लेकर बिहार पुलिस की विशेष शाखा ने सभी जिलों को अलर्ट करते हुए पत्र लिखा है. साथ ही एडीजी विधि- व्यवस्था, एडीजी सुरक्षा, एडीजी रेल, एडीजी एटीएस, एडीजी विशेष शाखा को भी पत्र की काॅपी भेजी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जारी इस अलर्ट में विशेष शाखा के आइजी ने पत्र जारी कर कहा है कि वेब पोर्टल इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर ने एक पोस्ट जारी किया है. इसमें मुस्लिम युवक-युवतियों को जिहादी मीडिया से जुड़ने की अपील की गयी है.
जिहादी मीडिया के लिए योगदान देने की अपील
पत्र में कहा गया है, मुस्लिम भाई-बहनों क्या आप जिहादी मीडिया के लिए योगदान देने के इच्छुक हैं? हमलोग अनुवादक ढूंढ रहे हैं? आप किस भाषा में काम कर सकते हैं? आइए, साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करते हैं, जो कि मुजाहिद उलेमा और उमरास के लेख को ट्रांसलेट करना है.
सभी जिलों की पुलिस को किया गया अलर्ट
पत्र में कहा गया है कि एक अनोखा मौका है, जिहादी मीडिया में अपनी सहभागिता देने के लिए. अपने पड़ोसी भाई-बहनों को अपने काम से लाभ पहुंचाइए. विशेष शाखा ने पत्र का हवाला देते हुए सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. उन्हें जरूरी सतर्कता बरतने और अनहोनी से बचने के लिए सुरक्षा तंत्र पर ध्यान देने को कहा है.
