Bihar News: बिहार के भागलपुर में मोबाइल चोरी का एक मामला सामने आया है. भागलपुर जंक्शन से ट्रेन पकड़ने जा रहे एक अधिवक्ता का मोबाइल टिकट कटाने के दौरान चोरी कर लिया गया. अधिवक्ता अपनी शिकायत लेकर कभी जीआरपी थाना तो कभी स्टेशन मास्टर के पास वो गए. उन्हें कभी इधर तो कभी उधर भेजा गया. स्टेशन मास्टर ने अधिवक्ता को पुलिस थाने जाने की सलाह दे दी. थाने ने फिर से उन्हें वहीं भेजा जहां से गोल-गोल घूमकर वह थाने तक पहुंचे थे. इधर से उधर, साहबों ने उन्हें गोल-गोल घूमा तो दिया लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला. लेकिन यह पीड़ित अधिवक्त अपनी समस्या लेकर अब अदालत तक पहुंच गये हैं.
साहबों ने टरकाया तो वकील ने कोर्ट में घसीटा
पीड़ित अधिवक्ता ने उन तमाम लोगों को अदालत में घसीट लिया है जो उन्हें टरकाते रहे. अधिकवक्ता ने मोबाइल चोरी के इस मामले में स्टेशन मास्टर,थाना, एडीआरएम समेत कई लोगों पर नालसी मुकदमा दर्ज कराया है.
टरकाते रहे साहेब लोग, मामले को हल्के में लिया
सुल्तानगंज के बाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले अधिवक्ता देवानंद सिंह ने सीजेएम की अदालत में आवेदन देकर मोबाइल चोरी के मामले में नालिसी वाद दर्ज कराया है. जिसमें उन्होंने जीआरपी थाना के पदाधिकारी, कोतवाली थाना, स्टेशन मास्टर, एडीआरएम सहित अन्य अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया है. उन्होंने वाद में उल्लेख किया है कि किस तरह वह अपना मोबाइल चोरी होने के बाद एक जगह से दूसरी जगह भटकाए जाते रहे. उन्हें साहेब लोग टरकाते रहे लेकिन उनकी शिकायत का कोई समाधान नहीं निकाला गया.
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नालसी वाद में जानिए क्या लिखा..
वाद में अधिवक्ता ने उल्लेख किया है कि विगत 9 दिसंबर को वह स्टेशन से ट्रेन पकड़ घर लौट रहे थे. इसी दौरान किसी ने उनकी मोबाइल चोरी कर ली. इस बाबत पहले वह जीआरपी थाना गये, जहां उन्हें सनहा दर्ज कराने को कहा गया. इसके बाद वह स्टेशन मास्टर के पास पहुंचे. स्टेशन मास्टर ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेना उचित नहीं समझा. स्टेशन मास्टर ने वहां से उन्हें कोतवाली थाना भेज दिया. कोतावाली थाना जाने पर वहां से वापस उन्हें जीआरपी थाना भेज दिया गया. मामले में कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने उक्त सभी आरोपितों की जिम्मेदारी तय करते हुए नालिसीवाद दाखिल किया है.
टिकट कटाने के दौरान मोबाइल चोरी
अधिवक्ता ने अपने वाद में जिक्र किया है कि वो भागलपुर से सुल्तानगंज की यात्रा करने 9 दिसंबर को भागलपुर जंक्शन पहुंचे. वो टिकट काउंटर पर पहुंचे लेकिन सभी काउंटर बंद थे जिसके बाद मशीन से टिकट लिया. पैसा देने के बाद जब वो अपना थैला उठाने झुके तो कोट की जेब से किसी ने मोबाइल पार कर लिया. बताया कि जब वापस टिकट मशीन के पास गए तो कर्मी को इसकी जानकारी दी. उसने जीआरपी के पास शिकायत करने की सलाह दी. जीआरपी के पास गए लेकिन शिकायत नहीं ली गयी. सनहा निश और सनहा नंबर के लिए दूसरे दिन बुलाया गया. वाद में लिखा गया है कि दूसरे दिन जीआरपी भागलपुर में एफआइआर नहीं किया गया. मोबाइल का आएमइआइ नंबर भी नहीं लिया. केवल सनहा नंबर कार्बन कॉपी पर लिखकर दे दिया.
कोर्ट तक पहुंचने की बतायी वजह..
अधिवक्ता ने वाद में लिखा है कि स्टेशन मास्टर के पास जब वो गए तो स्टेशन मास्टर ने हंसते हुए कहा कि जिसने मोबाइल लिया है वो क्या अब देगा वकील साहेब. जब बात बढ़ने लगी तो जीआरपी के एक कर्मी ने कोतवाली थाना जाकर एफआइआर दर्ज करने की सलाह दे दी. उसने कहा कि भागलपुर रेलवे स्टेशन उसी के अंदर आता है. अधिवक्ता ने लिखा कि जब दोनों जगहों में कहीं एफआइआर दर्ज नहीं हुआ तो मैं यहां नालसीवाद दायर कर रहा हूं. अपने वाद में उन्होंने संदेह जताया है कि अभियुक्त और उसके सह अभियुक्त के षड़यंत्र से ही मोबाइल चोरी किया जाता है.
