पटना से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट
Transport Department: परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार का जिलों में तैनात डीटीओ आदेश नहीं मानते है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा क्योंकि सचिव ने 13 जून को राज्य के सभी डीटीओ को आदेश दिया था कि गाड़ियों में अवैध रूप से प्रेशर हॉर्न और मल्टी ट्यून्ड हॉर्न लगाने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई की जाए. साथ ही प्रेशर हॉर्न और मल्टी ट्यून्ड हॉर्न की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जब्ती की कार्रवाई की जाए. लेकिन आदेश के बाद सड़कों पर प्रेशर हार्न लगी गाड़ियों की संख्या और बढ़ गईं हैं.
हालात ऐसे है कि सड़कों पर पैदल चलने वालों, पास में रहने वाले, हॉस्पिटल, स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों को भी इससे परेशानी होने लगी है. इसके बावजूद अधिकारियों को गाड़ियों में लगा प्रेशर हार्न नहीं दिख रहा है. प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष जांच अभियान नहीं चल रहा है.
प्रेशर हॉर्न का उपयोग करना दंडनीय अपराध
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मानक स्तर से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न और मल्टी ट्यून्ड हॉर्न का उपयोग करना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के तहत दंडनीय अपराध है. विशेष अभियान के तहत सभी जिलों में गाड़ियों और स्कूली गाड़ियों की सघन जांच करने का नियम भी है, ताकि जांच के दौरान प्रेशर हॉर्न या फिर हाई इंटेंसिटी वाले मल्टी और ट्यून्ड हॉर्न का उपयोग करने वाले गाड़ी मालिकों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत कार्रवाई की जाए. लेकिन ऐसा बिहार में अब तक संभव नहीं हो पाया है.
जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया था ये निर्देश
सचिव के आदेश के बाद प्रेशर हॉर्न, मल्टी ट्यून्ड हॉर्न के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के लिए राज्य परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया है. साथ ही सभी नगर आयुक्त को लेटर जारी कर निगम की गाड़ियों में प्रयुक्त होने वाले प्रेशर हॉर्न को हटाने का निर्देश दिया गया है, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी निर्देश का पालन नहीं हो पाया है.
धावा दल बनाने पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
परिवहन विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर धावा दल के माध्यम से छापेमारी की जाए. ऐसे हॉर्नों को जब्त कर नियम के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश था. जिलों में धावा दल बनाया गया, लेकिन छापेमारी नहीं हो पाती है. इस कारण सड़कों पर प्रेशर हार्न के शोर से लोग परेशान है.
इन जगहों पर बढ़ी परेशानी
प्रेशर हॉर्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करते है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और घनी आबादी वाले इलाकों में इनके उपयोग से आम लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है.
