Aaj Bihar Ka Mausam: बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मोन्था का असर गुरुवार से पूरे राज्य पर दिखने लगा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. राजधानी पटना, गया और भागलपुर समेत कई इलाकों में बुधवार रात से ही बारिश शुरू हो चुकी है. मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का दौर अगले तीन दिन 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जारी रहेगा.
कहां होगी सबसे ज्यादा बारिश
आईएमडी पटना के अनुसार, आज पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और सुपौल में अति भारी बारिश के आसार हैं. वैशाली, सारण, मुजफ्फरपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और शिवहर में भी एक-दो जगहों पर बारिश हो सकती है.
राज्य के बाकी हिस्सों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी. बुधवार को गया जिले के डोभी में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि भागलपुर का तापमान 30.5 डिग्री तक पहुंचा, जो दिन का सबसे ऊंचा तापमान रहा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, ‘मोंथा’ के असर से बिहार में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है. राज्य में ठंड की दस्तक अभी बाकी है, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण सुबह-शाम की ठिठुरन बढ़ने लगी है. पटना, बक्सर, आरा, छपरा, सुपौल, लखीसराय, मुंगेर और बांका में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई. शाम के समय बांका और भागलपुर में तेज बारिश ने लोगों को घरों में कैद कर दिया.
कैसे पहुंचा ‘मोंथा’ बिहार तक?
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवात ‘मोंथा’ मंगलवार सुबह एक प्रबल तूफान में बदल गया. यह पहले आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया, फिर उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए ओडिशा और छत्तीसगढ़ को पार करता हुआ अब झारखंड और बिहार की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, बिहार पहुंचने तक यह निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा, लेकिन भारी बारिश और तेज हवा इसके असर के तौर पर जारी रहेगी.
चुनावी प्रचार पर भी असर
‘मोंथा’ ने इस बार सिर्फ मौसम ही नहीं, चुनावी मैदान की रफ्तार भी थाम दी है. सारण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभाएं बुधवार को रद्द करनी पड़ीं. दोनों की सभाएं छपरा उमधा और परसा में तय थीं, लेकिन लगातार बारिश ने कार्यक्रमों को रोक दिया.
भभुआ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण उतर नहीं सका. उनकी सभा भी रद्द करनी पड़ी. राजनीतिक पार्टियों के लिए यह मौसम एक चुनौती बन गया है, खासकर उन इलाकों में जहां अगले चरण के चुनाव प्रचार का शेड्यूल तय था.
अगले 48 घंटे का पूर्वानुमान
आईएमडी ने 30 और 31 अक्टूबर को पूरे बिहार में मौसम के बदलने की संभावना जताई है. 30 अक्टूबर को 7 जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि 31 अक्टूबर को पटना समेत 5 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान आकाशीय बिजली, पेड़ों के गिरने और जलभराव की स्थिति को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है.
बारिश के इस दौर के बाद कुछ दिनों के लिए तापमान में हल्का इजाफा हो सकता है, लेकिन नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड का असर महसूस होना शुरू हो जाएगा. फिलहाल बिहारवासी ‘मोंथा’ की मार झेल रहे हैं. किसान जहां इसे रबी फसलों के लिए वरदान मान रहे हैं,अगर मौसम विभाग का अनुमान सही निकला, तो बिहार पर मोन्था का यह असर नवंबर की शुरुआत तक बना रहेगा.
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