पटना/बिक्रम : बिक्रम थाने के अराप गांव में मोबाइल दुकानदार दीपक कुमार की हत्या के आरोप मेें दोस्त रहीस कुमार आजाद उर्फ सौरभ कुमार को पटना पुलिस ने पकड़ लिया और सारे मामले का परदाफाश कर दिया. इसने 20 बोतल शराब की कीमत 20 हजार नहीं देने के बाद पहले उसे शराब पिलायी और फिर गला दबा कर हत्या कर दी. इसके बाद पेचकस से गरदन में छेद कर दिया . दीपक उसके रिश्ते में चचेरा भाई भी था.
रहीस कुमार आजाद ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और बताया कि वह मुगलसराय से शराब की बोतल लाता था और बेचने के लिए दीपक को दे देता था, लेकिन दीपक ने उसके 20 बोतल के 20 हजार रुपये नहीं दिये और जब वह मांगता था, तो बहानेबाजी करता था. खास बात यह है कि रहीस कुमार आजाद भी टाइपिंग इंस्टीट्यूट चलाता था, लेकिन इससे सही ढंग से आमदनी नहीं होने के बाद उसने शराबबंदी के बाद मुगलसराय से शराब लाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया था.
हत्या करने के बाद ले भागा था मोबाइल व लैपटॉप : दीपक की हत्या करने के बाद रहीस उसके लैपटॉप व मोबाइल ले भागा था.उसने हत्या के बाद उसके लैपटॉप व मोबाइल इसलिए लिया था, ताकि उसके पैसे वसूल हो सके. पुलिस ने लैपटॉप व मोबाइल भी बरामद कर लिया है. विदित हो कि 27 जनवरी की रात में मोबाइल दुकानदार दीपक कुमार की हत्या कर दी गयी थी. हत्या के बाद विरोध में पांच दिनों तक लगातार गांव की दुकानें बंद रही थीं.
