पटना. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी सभी तरह की जांच बंद कर दी गयी हैं. पीएमसीएच में करीब 53 बीमारियों की जांच की जाती है. नतीजतन इससे पीड़ित मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मरीज अस्पताल की इमरजेंसी व क्लीनिकल पैथोलॉजी लैब में जांच को भटक रहे हैं.
वहां भी इमरजेंसी आदि कई तरह के मरीजों की भीड़ होने की वजह से समय पर जांच नहीं हो पा रही है. सबसे अधिक परेशानी मलेरिया, यूरिन कल्चर, टीबी और हेपेटाइटिस से जुड़े मरीजों को हो रही है.
माइक्रोबायोलॉजी विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल में मरीजों की सुविधा को देखते हुए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच बंद की गयी है, जबकि मरीज व उनके परिजनों की मानें तो कोविड के समय भी पीएमसीएच का ओपीडी बंद नहीं था. बीमार मरीज किसी न किसी माध्यम से अस्पताल पहुंच रहे थे.
मरीज बढ़े, लेकिन लैब में जांच बंद
नौ जून से अनलॉक के बाद पीएमसीएच में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. ओपीडी में पिछले दो दिनों से रोजाना 700 से अधिक मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं. ऐसे में करीब 200 से अधिक मरीजों को माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी जांचों की जरूरत पड़ रही है. लेकिन सुविधा बंद होने की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है. कोरोना के कारण तीन से चार महीने पहले पीएमसीएच में माइक्रोबायोलॉजी संबंधित जांचें बंद कर दी गयीं.
Posted by Ashish Jha
