एजाज ने बिहार में बना रखा है अपना रैकेट

आनंद तिवारी, पटना : एक समय में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम व छोटा राजन का करीबी रहा एजाज लकड़ावाला ने पुलिस के सामने कई अहम खुलासे किये हैं. पुलिस को दिये बयान में उसने बताया कि वह पूरे बिहार में अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगा था. बिहार के कई ऐसे लोग हैं, जिससे वह […]

आनंद तिवारी, पटना : एक समय में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम व छोटा राजन का करीबी रहा एजाज लकड़ावाला ने पुलिस के सामने कई अहम खुलासे किये हैं. पुलिस को दिये बयान में उसने बताया कि वह पूरे बिहार में अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगा था. बिहार के कई ऐसे लोग हैं, जिससे वह जुड़ा हुआ था और मुंबई पुलिस की डर से फरार होकर नेपाल, पोखरा व काठमांडू के अलावा बिहार के सीमावर्ती जिलों में अपना ठिकाना बनाये हुए था.

एजाज की डायरी में मिले कई अहम सबूत : एजाज के पास मिले एक छोटे से बैग में एक डायरी मुंबई पुलिस के हाथ लगी है. इसमें कई अहम राज दर्ज हैं. पुलिस सूत्रों की मानें तो रंगदारी, हत्या, जाली नोट आदि सभी तरह की वारदातें डायरी में लिखी हुई हैं.
डायरी में लिखे कई शब्दों को नीले रंग की स्याही से अंडरलाइन किया गया है. बताया जा रहा है कि डायरी में मुंबई, गुजरात, पुणे, इंदौर आदि जगहों के बड़े बिल्डरों के नाम लिखे हुए हैं. उसने बताया कि पुलिस की गिरफ्त से दूर रहे, इसके लिए इंटरनेट के जरिये बातचीत करता था.
मोबाइल से मिली 10 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने की जानकारी
एजाज के मोबाइल फोन पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. मोबाइल फोन पर एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें वह एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहा है. संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर नोट कर पुलिस उनसे पूछताछ करने जा रही है. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि दाऊद के आइएसआइ नेटवर्क से जुड़ा था, शुरुआती समय में दाऊद से जुड़ कर नकली नोटों की तस्करी का काम करता था.
आइएसआइ की गतिविधियों पर पूरे नेपाल में जाली नोटों की तस्करी का काम अभी भी जोरों पर चल रहा है. काठमांडू एयरपोर्ट पर चार करोड़ के नकली नोट के साथ दाऊद के आदमी पकड़े गये थे.
गिरफ्तारी के बाद उठते सवाल
29 केसों में मुजरिम व 22 साल से फरार एजाज पटना में क्या कर रहा था?
अरबों की संपत्ति होने के बावजूद वह बस स्टैंड की ओर ऑटो से क्यों जा रहा था?
किसकी गाड़ी से पटना आ रहा था एजाज?
मोबाइल में मिला अबू नाम के व्यक्ति से बातचीत का प्रूफ : एजाज के मोबाइल फोन में अबू नाम के एक व्यक्ति का नंबर मिला है. सूत्रों की मानें तो अबू एजेंट है और वह पटना का ही रहने वाला है. ट्रेन के माध्यम से वह मुंबई फरार होने वाला था. वह अबू नाम के एजेंट से रेलवे स्लीपर क्लास में टिकट बुक कराया और टिकट लेने करबिगहिया जाने वाला था.
आ-जा रहे अपराधी
इस गिरफ्तारी से एक बार फिर साबित हो गया कि नेपाल के रास्ते बिहार में कुख्यात अपराधियों का आना-जाना बना हुआ है. अगस्त, 2019 में गया के बुनियाद गंज थाना क्षेत्र से तौफीक रजा और एजाज अहमद गिरफ्तार किये गये थे. यह गया में मेला शुरू होने से पहले बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे.

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