पटना : पटना : गुंजन खेमका हत्या कांड की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं सकी है. एसआइटी घटना का ओर-छोर पता नहीं लगा पा रही है. अब तक एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है. 21 लोगों के सीडीआर खंगाले जा चुके हैं लेकिन पुलिस को कुछ भी सटीक हाथ नहीं लगा है. फिलहाल एसआइटी की जांच कई बिंदुओं पर चल रही है.
हालांकि इस मामले में वैशाली पुलिस एसटीएफ और सीआइडी की मदद ले रही है. शूटर की पहचान करने के लिए एसटीएफ को जिम्मेदारी दी गयी है. अब एसटीएफ दोबारा गुंजन खेमका के ड्राइवर और फैक्ट्री के गार्ड से पूछताछ कर सकती है.
शूटर ने किसके कहने पर गुंजन खेमका को किया शूट, पड़ताल कर रही है पुलिस
गुंजन खेमका की हत्या सुपारी किलर से करायी गयी है, इतना तो पुलिस समझ रही है लेकिन वह सुपारी किलर कौन है और किसने सुपारी दी है, यह एक अबूझ पहली बनी हुई है.
सारे तथ्यों को खंगालने के बाद भी पुलिस को कोई क्लू हाथ नहीं लगा है. पुलिस सूत्रों कि मानें तो पैसों के लेन-देन को लेकर हत्या होने की बात की पड़ताल की जा रही है. बताया जाता है कि बड़े व्यवसायी कुछ व्यवसाय इस तरह का करते हैं कि पैसा तो उनका लगा रहता है लेकिन चेहरा कोई और होता है.
इस तरह के काम में पैसा लेने-देने का कोई सबूत नहीं होता है. कुछ इसी तरह के विवाद की तरफ पुलिस की जांच चल रही है. हाल के दिनों में कितने लोगाें के साथ गुंजन खेमका का काम चल रहा था, इन सब बिंदुओं पर जांच चल रही है.
जानकारी नहीं जुटा पायी पुलिस
हाजीपुर जेल से भी वैशाली पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं मिल सकी है. पुलिस ने कई अपराधियों की कुंडली खंगाली है. जो शूटर जेल से जमानत पर छूटे हैं उनका कोई कनेक्शन इस हत्याकांड से पुलिस को नहीं मिल रहा है.
हालांकि यह माना जा रहा है कि शूटर बेहद चालाक किस्म का है. उसने न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है और न ही उसने गुंजन के मोबाइल फोन पर डायरेक्ट बात किया है. इसलिए पुलिस के हाथ उसके गिरेबान तक नहीं पा रही है.
