पटना: गोपालपुर थाने के शाहपुर गांव में भूमि विवाद में कुख्यात अपराधी हरिवंश राय के भाई व प्रोपर्टी डीलर राम कुमार (जगनपुरा निवासी) की गोली मार कर हत्या कर दी गयी. गोलीबारी में एक अन्य घायल हो गया. गोली लगने के बाद राम कुमार को न्यू बाइपास स्थित पल्स अस्पताल में भरती कराया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही मृत घोषित कर दिया गया. घायल मनीष को निजी अस्पताल में भरती कराया गया है.
इस घटना के बाद जगनपुरा व शाहपुर गांव में दो गुटों के बीच तनाव है. सदर डीएसपी मुत्तफीक अहमद के नेतृत्व में पुलिस ने पहुंच कर आरोपित लालबाबू राय को पकड़ लिया, जबकि उसके बेटे को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. मृतक के भाई यदुवंश राय के बयान पर लालबाबू राय व उसके बेटों को आरोपित किया गया है. लालबाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके बेटे को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. सदर डीएसपी मुत्तफीक अहमद ने बताया कि मामला जमीनी विवाद का है.
लंबे समय से विवाद : शाहपुर निवासी लालबाबू राय की नजर अपने स्वर्गीय भाई रामबाबू राय की 38 कट्ठे जमीन पर थी. रामबाबू राय की मृत्यु होने के बाद सारी जमीन उनकी विधवा सुशीला देवी के नाम पर हो गयी थी. लालबाबू राय चाहता था कि वह उस जमीन को भी हड़प ले और अपनी दबंगई से कब्जा भी जमा रखा था. उसके डर से विधवा सुशीला देवी शाहपुर के बजाय अपने हरनीचक स्थित मायके में रहती थी. सुशीला देवी ने जमीन को प्रोपर्टी डीलर अशोक कुमार के नाम से एग्रीमेंट कराया था और जगनपुरा निवासी हरिवंश राय के भाई राम कुमार सहयोगी की भूमिका में था. इन लोगों ने एग्रीमेंट होने के बाद जमीन पर अपना कब्जा करने को सोचा, जिस बात को लेकर लालबाबू राय व राम कुमार के बीच तनाव हो गया.
अंत में पंचायत हुई और लालबाबू ने 38 के बजाय 25 कट्ठा ही देना मंजूर किया. इस पर अशोक कुमार व राम कुमार व उसके साथ तैयार थे. इसके बाद राम कुमार ने 25 कट्ठा पर पाइलिंग का काम शुरू करा दिया था. लेकिन लालबाबू के बेटे प्रमोद, तिलंगिया, फतंगिया आदि ने पाइलिंग कर रहे मजदूर को मारपीट कर भगा दिया और दहशत फैलाने के लिए हवा में फायरिंग भी की थी. राम कुमार ने जब इसका विरोध किया, तो लालबाबू ने बैठ कर मामले को सलटाने की सलाह दी. इसी बात को लेकर मंगलवार को राम कुमार अपने सहयोगियों के साथ लालबाबू से बात करने के लिए शाहपुर गांव स्थित उसके घर पर गया. वहां लालबाबू व उसके बेटों ने इन लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें राम कुमार व उसके एक सहयोगी मनीष को गोली लगी. राम कुमार को इलाज के लिए पल्स लाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गयी.
हरिवंश की सिविल कोर्ट में कर दी गयी थी हत्या
रामकुमार का भाई हरिवंश राय कुख्यात अपराधी था. उसने हत्या व रंगदारी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था. इसका इतना खौफ था कि जगनपुरा, खेमनीचक, सोरंगपुर इलाके में बिना इसकी मरजी के कोई अपना मकान तक नहीं बनवा सकता था. उसने रंगदारी नहीं देने पर पांच साल दीपावली की रात एक शिक्षक परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी थी. बाद में गैंगवार में उसकी हत्या चार साल पहले पटना सिविल कोर्ट में कर दी गयी थी. वह कोर्ट में पेशी के लिए आया था.
