बिहार में स्कूल से नशे में धुत होकर घर लौटा चौथी का छात्र, टॉयलेट में मिला विदेशी शराब का जखीरा

Bihar News: बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. बेगूसराय जिले से सामने आई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया, जहां चौथी कक्षा का एक छात्र स्कूल से नशे में धुत्त होकर घर पहुंच गया.

Bihar News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए पूरे 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन बेगूसराय से आई एक खबर ने सबको चौंका दिया. जिले के सिसवा गांव में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जब प्राथमिक विद्यालय का एक 11 वर्षीय छात्र स्कूल से लड़खड़ाते हुए और नशे में धुत होकर घर पहुंचा, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई.

स्कूल के टॉयलेट में शराब गोदाम

बेगूसराय के बछवारा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय सिसवा में चौथी कक्षा का छात्र मोहम्मद परवेज आलम का पुत्र सोमवार को रोज की तरह स्कूल गया था. स्कूल परिसर के पूर्वी भाग में एक जर्जर टॉयलेट है, जिसे तस्करों ने सुरक्षित गोदाम समझ बना दिया था. मासूम बच्चा जब वहां पहुंचा, तो उसने शराब की बोतलों से भरे कार्टून देखे.

नासमझी में बच्चे ने बोतल खोलकर शराब पी ली. कुछ ही देर में शराब का असर हुआ और बच्चा नशे में झूमने लगा. जब वह गिरते-पड़ते अपने घर पहुंचा और उसकी मां रिजवाना खातून ने उसकी हालत देखी, तो कोहराम मच गया. बच्चे के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आ रही थी और उसकी स्थिति काफी गंभीर थी.

पुलिस की छापेमारी

परिजनों ने जब बच्चे के दोस्तों से पूछताछ की, तो स्कूल के शौचालय में शराब छिपे होने का राज खुला. आनन-फानन में परिजन स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुर्शाली को इसकी जानकारी दी. जब हेडमास्टर और ग्रामीणों ने टॉयलेट का दरवाजा खोला, तो वहां विदेशी शराब की पेटियों का अंबार लगा था.

सूचना मिलते ही बछवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से करीब 204 लीटर विदेशी शराब (23 कार्टून) जब्त की.

जांच के घेरे में स्कूल प्रशासन

इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर स्कूल के वर्किंग आवर्स के दौरान तस्कर इतनी बड़ी खेप अंदर कैसे ले आए? क्या इसमें किसी स्थानीय मिलीभगत की संभावना है?

फिलहाल पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. मासूम छात्र का प्राथमिक उपचार कराया गया है और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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