शिवहर : शिवहर अंगीभूत महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू करवाने को लेकर नामांकित छात्र/छात्राओं ने कलेक्ट्रेट व शिक्षा विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया. छात्र डीएम से मिलने की मांग पर अड़े थे. जब पता चला कि डीएम पुरनहिया में आयोजित शिविर में भाग लेने गये हैं.
इसके बाद छात्रों ने शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचकर पदाधिकारी का घेराव व प्रदर्शन किया. छात्रों ने डीइओ कार्यालय के मेन गेट को बंद कर दिया. इसके बाद बरामदे में डिग्री कॉलेज शिवहर में शैक्षणिक सत्र संचालित करने की मांग करने लगे. छात्रों ने तीन घंटे तक डीइओ कार्यालय के मेन गेट में ताला बंद किये रखा. इस दौरान जमकर हंगामा किया. शिक्षा पदाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा.
सौंपे गये मांंग पत्र में कहा गया है कि 431 छात्रों का अंगीभूत महाविद्यालय में नामांकन हो चुका है. ऐसे में शैक्षणिक सत्र स्थगित करने से बच्चों के भविष्य पर ग्रहण लग गया है.
12 जनवरी 2018 को पठन-पाठन सत्र निवर्तमान डीएम राजकुमार के आदेश पर डॉ मोहम्मद तौकीर अहमद के निर्देश पर 27 व्याख्याताओं ने संचालित किया. इसके उद्घाटन में सांसद, विधायक, मंत्री बिहार सरकार उपस्थित थे. फिर शैक्षणिक कार्य को क्यों रोका गया. आवेदन में कहा गया है कि स्नातक प्रथम वर्ष के सिलेबस के अनुसार लगभग छह माह तक क्लास चला.
इसके 40 प्रतिशत तक के पाठ्यक्रम को पढ़ाया जा चुका है. परीक्षा संभवत: सितंबर में होनी है.ऐसे में आगे के पठन पाठन पूरा करने की व्यवस्था की जाए. छात्रा कंचन कुमारी का कहना है कि शिवहर में महिलाओं की शिक्षा व साक्षरता दर की स्थिति काफी कमजोर.भारत में मात्र एक शिवहर जिला ही है जहां डिग्री कॉलेज नहीं है.
आरती कुमारी, रागिनी कुमारी, राकेश कुमार चौधरी, फिरोज खान, जहांगीर अशरफ, अंजली कुमारी, नारायण भगवान, शिल्पी कुमारी, ज्योति कुमारी, संजय सिंह, अभिषेक यादव समेत अन्य छात्र छात्राओं ने इस दौरान सीओ शिवहर युगेश दास को भी घेरा. इधर डीइओ मसलेउद्दीन व सीओ शिवहर ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वे सभी डिग्री कॉलेज के लिए जहां तक संभव होगा प्रयास करेंगे.
