Yuvraj Singh on Student Protest: दिल्ली में परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों से संयम बरतने की अपील की है. छात्र सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली (Examination System) में सुधार, निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, और युवराज सिंह ने इस स्थिति का समाधान सिर्फ आपसी बातचीत और संवाद के जरिए निकालने का आग्रह किया है.
राजधानी में तेज हुआ छात्र आंदोलन
बीते कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करना और परीक्षा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने लगे. आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कार्रवाई के बाद आंदोलन ने और अधिक राजनीतिक तथा सामाजिक ध्यान आकर्षित किया.
युवराज सिंह की भावुक अपील
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 2011 वर्ल्ड कप के हीरो युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि देश के हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष को सुरक्षित वातावरण में सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने लिखा, "हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष को शांति से सीखने, सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए. उनका कल्याण ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव है. आइए, हम सब मिलकर संवाद के जरिए ऐसा समाधान खोजें जो देश के भविष्य के हित में हो." युवराज ने किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद समाप्त करने की अपील की.
कई खिलाड़ी भी जता चुके हैं चिंता
युवराज सिंह से पहले भी देश के कई प्रमुख खिलाड़ियों ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई की है. ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और भारतीय फुटबॉलर सहल अब्दुल समद ने भी छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. इन खिलाड़ियों का कहना है कि छात्रों की आवाज को शांतिपूर्ण तरीके से सुना जाना चाहिए और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक समाधान निकाला जाना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने घोषणा की कि परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा में धांधली या पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई होगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
नीट विवाद के बाद बढ़ी मांग
हाल के वर्षों में नीट (UG) समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर देश भर के छात्रों और संगठनों में काफी नाराजगी देखने को मिली है. परीक्षा प्रणाली (Examination System) में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहा यह छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है, जिससे सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में बड़े और ठोस सुधार लागू करने का दबाव काफी बढ़ गया है.
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