Yash Dayal: भारतीय तेज गेंदबाज यश दयाल घरेलू क्रिकेट में नई शुरुआत करने जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अब 2026-27 घरेलू सत्र में छत्तीसगढ़ की टीम के लिए खेल सकते हैं. दयाल के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की प्रक्रिया चल रही है. वह पहले ही कर्नाटक के अलूर में छत्तीसगढ़ टीम के प्री-सीजन कैंप में शामिल हो चुके हैं. माना जा रहा है कि यह फैसला यश दयाल के करियर को फिर से मजबूत बनाने की कोशिश है. पिछले एक साल से ज्यादा समय से वह कुछ निजी और कानूनी परेशानियों के कारण नियमित क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं. उनका आखिरी बीसीसीआई से जुड़ा सीनियर क्रिकेट मैच आईपीएल 2025 का फाइनल था. इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल खिताब जीता था.
कानूनी मामलों के चलते क्रिकेट करियर पर पड़ा असर
यश दयाल हाल के समय में दो अलग-अलग यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर विवादों में रहे. इन आरोपों को दयाल ने खारिज किया है. पहला मामला गाजियाबाद में दर्ज हुआ, जहां एक महिला ने आरोप लगाया कि रिश्ते के दौरान शादी का वादा कर उनका यौन शोषण किया गया. वहीं दूसरा मामला जयपुर में दर्ज हुआ, जिसमें एक लड़की से जुड़े आरोपों में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई गईं. इस मामले में आरोप लगाया गया कि कथित संबंध की शुरुआत उस समय हुई थी जब लड़की नाबालिग थी. इन कानूनी घटनाक्रमों का असर दयाल के क्रिकेट करियर पर भी पड़ा. उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ ने उन्हें 2025 की यूपी टी20 लीग में शामिल नहीं किया था.
आईपीएल 2026 से भी रहे बाहर
हालांकि विवादों के बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 से पहले यश दयाल को रिटेन किया था, लेकिन वह टीम के साथ नहीं जुड़ सके और पूरे सीजन से बाहर रहे. आरसीबी के क्रिकेट निदेशक मो बोबाट ने उस समय कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों में दयाल और टीम दोनों के हित में यही था कि वह टूर्नामेंट का हिस्सा न बनें. बाद में दयाल ने संकेत दिया था कि आईपीएल से हटने का फैसला पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था.
जून में यश दयाल की वापसी की जगी थी उम्मीद
जून में यश दयाल की वापसी की उम्मीद बढ़ गई थी. उस समय उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा था कि संघ उन्हें एनओसी देगा, क्योंकि उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इसके बाद यूपी टी20 लीग की टीम गोरखपुर लायंस ने उन्हें अपनी टीम में बरकरार रखा था. दयाल टीम के दूसरे खिलाड़ियों के साथ अभ्यास भी कर रहे थे. हालांकि, नीलामी के बाद घोषित 18 खिलाड़ियों की अंतिम टीम में यश दयाल को जगह नहीं मिली. यूपीसीए ने उन्हें टीम से बाहर किए जाने के कारणों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी.
छत्तीसगढ़ के प्री-सीजन कैंप से जुड़े दयाल
सूत्रों के अनुसार, दयाल को पहले से ही इस संभावना का अंदाजा था कि उन्हें यूपी टी20 लीग में जगह नहीं मिलेगी. इसी वजह से उन्होंने छत्तीसगढ़ जाने की तैयारी शुरू कर दी थी. बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट नियमों के तहत किसी दूसरे राज्य से खेलने के लिए एनओसी लेने के बाद भी खिलाड़ी उत्तर प्रदेश की फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग में हिस्सा ले सकता है. छत्तीसगढ़ के प्री-सीजन कैंप में दयाल के अलावा भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर जयंत यादव और सौराष्ट्र के ऑलराउंडर धर्मेंद्र सिंह जडेजा भी शामिल हैं. जयंत यादव पिछले घरेलू सत्र में पुडुचेरी के लिए खेले थे. छत्तीसगढ़ टीम की कमान अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज अमय खुरासिया के हाथों में है. खुरासिया इससे पहले केरल टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं, जिसने 2024-25 रणजी ट्रॉफी में फाइनल तक का सफर तय किया था और विदर्भ के खिलाफ उपविजेता रही थी.
दयाल के लिए वापसी का मौका
यश दयाल ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी तेज गेंदबाजी से पहचान बनाई है. आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाया था. अब छत्तीसगढ़ के साथ नया घरेलू सत्र उनके लिए क्रिकेट पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने और मैदान पर वापसी का बड़ा अवसर साबित हो सकता है.
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