T20 World Cup 2026: ICC ने पाकिस्तान की T20 वर्ल्ड कप 2026 में पार्टिसिपेशन को लेकर स्थिति साफ न होने तक बांग्लादेश को स्टैंडबाय पर रखा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सोमवार को कहा कि टीम के टूर्नामेंट में खेलने या न खेलने पर अंतिम फैसला अभी टाल दिया गया है.
प्रधानमंत्री से सलाह के बाद टला निर्णय
नकवी ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात की और सलाह ली. बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “प्रधानमंत्री को आईसीसी से जुड़े मामले की जानकारी दी गई है और उन्होंने सभी विकल्प खुले रखते हुए समाधान निकालने को कहा है. अंतिम निर्णय शुक्रवार या अगले सोमवार तक लिया जाएगा.”
पाकिस्तान के हटने पर बांग्लादेश की वापसी संभव
इंग्लिश अखबार Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो बांग्लादेश को ग्रुप A में उसकी जगह खेलने का मौका दिया जा सकता है. इस स्थिति में बांग्लादेश अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगा, जैसा कि उसने पहले अनुरोध किया था. अधिकारी के मुताबिक, इससे लॉजिस्टिक स्तर पर ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी.
ICC की रणनीति और इमेज की चिंता
आईसीसी के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे यह संदेश नहीं जाएगा कि उसने बांग्लादेश की भारत में खेलने को लेकर जताई गई सुरक्षा चिंताओं को स्वीकार कर लिया है बल्कि इसे पाकिस्तान के हटने के बाद बदली परिस्थितियों का नतीजा माना जाएगा.
24 जनवरी का फैसला और स्कॉटलैंड की एंट्री
24 जनवरी को आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप C में शामिल किया था, क्योंकि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पूरे टूर्नामेंट से हटने की संभावना कम है. इसकी एक वजह यह भी है कि PCB के पास हटने के लिए कोई मजबूत आधार नहीं है. हालांकि PCB ने बांग्लादेश की मांग का समर्थन किया था, लेकिन आईसीसी बोर्ड में यह प्रस्ताव खारिज हो गया.
भारत-पाक मैच का बहिष्कार एक विकल्प
पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PCB एक और विकल्प पर विचार कर सकता है. ग्रुप A में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच का बहिष्कार करना और अंक गंवाने के लिए तैयार रहना. यह मुकाबला टूर्नामेंट का हाई-प्रोफाइल मैच माना जा रहा है, ऐसे में इसके न खेलने से ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स को नुकसान हो सकता है. आईसीसी की ओर से यह भी कहा गया है कि हाइब्रिड मॉडल पर सहमति PCB की ही मांग पर बनी थी, ऐसे में मैच न खेलना उसी समझौते का उल्लंघन माना जाएगा.
काले आर्मबैंड जैसे प्रतीकात्मक विरोध पर विचार
इसके अलावा PCB काले आर्मबैंड पहनकर मैच खेलने जैसे प्रतीकात्मक विरोध के विकल्प पर भी विचार कर रहा है. इस पूरे मामले पर बीसीसीआई की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “हम चाहते थे कि बांग्लादेश खेले और हमने पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिया था, लेकिन उनके फैसले के बाद आखिरी समय में शेड्यूल बदलना मुश्किल था. इसी वजह से स्कॉटलैंड को शामिल किया गया.”
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उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “पाकिस्तान बिना वजह इस मामले में दखल दे रहा है और बांग्लादेश को भड़का रहा है, जो पूरी तरह गलत है.” अब सबकी निगाहें PCB के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में टी20 वर्ल्ड कप की तस्वीर साफ कर देगा.
