Sunil Chhetri Retires: ‘कैप्टन फैंटास्टिक’ सुनील छेत्री ने की संन्यास की घोषणा, देखें वीडियो…

भारतीय फुटबाॅल के हीरो सुनील छेत्री ने संन्यास की घोषणा कर दी है. उन्होंने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी.

Sunil Chhetri : भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान और फुटबाॅल के हीरो सुनील छेत्री ने संन्यास की घोषणा कर दी है. वे अपने करियर का अंतिम मैच छह जून को कुवैत के खिलाफ विश्व कप ‘क्वालीफाइंग मैच’ के दौरान खेलेंगे. उन्होंने अपने एक्स हैंडिल पर एक वीडियो पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. 39 साल के सुनील छेत्री ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में की थी और तब से आज तक उन्होंने अपने देश के नाम कई उपलब्धियां दर्ज कराई हैं. छेत्री ने एक इमोशनल पोस्ट में यह बताया कि वे छह जून को विश्व कप के क्वालीफाइंग मैच के बाद संन्यास ले लेंगे. उनका करियर 19 साल का रहा है.

कैप्टन फैंटास्टिक के रूप में है पहचान

सुनील छेत्री को फुटबाॅल जगत में कैप्टन फैंटास्टिक के नाम से जाना जाता है. उन्होंने अपने करियर में रोनाल्डो और मेस्सी के बाद सबसे ज्यादा गोल किए हैं. 2002 में उन्होंने पहली बार मोहन बगान के लिए फुटबाॅल खेला था.देश के लिए अभी तक उन्होंने 94 गोल किए हैं और 150 मैच खेला है.

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काफी भावुक नजर आए सुनील छेत्री

सुनील छेत्री ने अपने वीडियो में कहा कि मेरे लिए वह पल अविस्मरणीय है, जब मैंने अपने देश की जर्सी पहनी थी. मैं उस गेम को भूल नहीं सकता, जब मैंने पहली बार गोल किया था. सुखी सर ने मुझे बताया था कि मैं देश के लिए खेल रहा हूं, मैं कुछ भी नहीं भूल सकता. देश के लिए खेलना मेरे लिए गौरवान्वित करने वाला पल था. मेरे लिए फुटबाॅल को छोड़ना आसान नहीं है. अपने कोच, अपने ग्राउंड, प्रेशर गेम को छोड़ना आसान नहीं है. मैंने सबसे पहले खुद को इसके लिए मनाया-हां मैं अब अपने गेम को अलविदा कहना चाहता हूं. उसके बाद मैंने अपने माता-पिता और पत्नी को बताया. मेरी पत्नी मेरे संन्यास के बारे में सुनकर रो पड़ी. वह इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पा रही थी कि मैं अब अपने देश के लिए नहीं खेलूंगा. मैं सौभाग्यशाली हूं कि इतने वर्षों तक मैंने देश की सेवा की. मैंने हर पल को इंज्वाॅय किया है. इस गेम में प्रेशर है, लेकिन मैंने हमेशा उन चीजों को इंज्वाॅय किया है. मुझे अपने प्रशंसकों से जो प्यार मिला वह अनमोल है और वही मेरी पूंजी है. सुनील छेत्री ने अपने वीडियो पोस्ट की शुरुआत मुझे कुछ कहना है से की थी और अंत उन्होंने यह कहते हुए किया कि छह जून को वे अपने करियर का अंतिम मैच खेल रहे हैं और उम्मीद है, ये शानदार गेम होगा. इस मैच के साथ ही मैं विदा लूंगा.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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