Shubman Gill on India vs England 3rd ODI loss: भारत के कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक वनडे में 27 रन की हार के बाद माना कि टीम ने मैच के अहम मोड़ पर गेंदबाजी में बड़ी चूक की. गिल के अनुसार, इंग्लैंड की पारी के आखिरी ओवरों में जरूरत से ज्यादा रन देना ही हार का सबसे बड़ा कारण बना. भारत को 388 रन का विशाल लक्ष्य मिला, जिसका पीछा करते हुए टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद जीत से 27 रन दूर रह गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली.
शुभमन गिल ने मानी हार की वजह
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शुभमन गिल ने कहा कि भारत 45वें ओवर तक मुकाबले में पूरी तरह बना हुआ था, लेकिन अंतिम तीन ओवरों में इंग्लैंड ने तेज बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया. गिल ने कहा कि टीम ने आखिरी तीन ओवरों में काफी ज्यादा रन लुटा दिए और वहीं से मुकाबला हाथ से निकल गया. उनके मुताबिक यदि भारत डेथ ओवरों में रन रोक लेता तो लक्ष्य काफी हद तक नियंत्रित रहता और चेज आसान हो सकता था.
क्या थी टीम इंडिया की रणनीति?
भारतीय कप्तान ने बताया कि टीम ने लक्ष्य का पीछा करने के लिए पहले से स्पष्ट रणनीति बनाई थी. योजना थी कि शुरुआती 40 ओवर तक विकेट बचाकर रखा जाए और पावरप्ले के बाद 6 से 6.5 रन प्रति ओवर की गति से रन बनाए जाएं. इसके बाद अंतिम 10 ओवरों में करीब 10 रन प्रति ओवर के हिसाब से तेजी लाई जाए. हालांकि बड़े लक्ष्य के दबाव और अंत में धीमी होती पिच के कारण टीम अपनी योजना को पूरी तरह अमल में नहीं ला सकी.
रोहित शर्मा की पारी की जमकर तारीफ
हार के बावजूद शुभमन गिल ने रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी की सराहना की. उन्होंने कहा कि रोहित और विराट कोहली ने वर्षों से दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. गिल ने कहा कि मैच के आखिर में पिच काफी धीमी हो गई थी और बल्लेबाजी आसान नहीं रही, लेकिन ऐसे हालात में भी रोहित की बल्लेबाजी देखने लायक थी. उनके मुताबिक रोहित ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों में शामिल हैं.
पहले पावरप्ले में भी पिछड़ा भारत
गिल ने स्वीकार किया कि केवल डेथ ओवर ही नहीं, बल्कि शुरुआती 10 ओवरों की गेंदबाजी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. उन्होंने कहा कि पहले पावरप्ले में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके, जिसका पूरा फायदा मेजबान टीम ने उठाया. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने लगातार रन बनाए और भारत को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. गिल ने कहा कि जब लगभग सभी बल्लेबाज योगदान दें और टीम अंत में तेजी से रन जोड़ दे तो विपक्षी टीम के लिए वापसी बेहद मुश्किल हो जाती है.
डकेट, बेथेल और रूट ने रखी मजबूत नींव
इंग्लैंड की बड़ी पारी की नींव बेन डकेट, जैकब बेथेल और जो रूट ने रखी. तीनों बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ रन बनाए और भारत के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. इसके बाद अंतिम ओवरों में जोस बटलर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 388 रन तक पहुंचा दिया. यही अतिरिक्त रन बाद में भारत के लिए निर्णायक साबित हुए.
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने क्या कहा
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि पहले वनडे में हार के बाद जिस तरह खिलाड़ियों ने वापसी की, वह शानदार रही. ब्रूक ने कहा कि पूरी टीम ने बेहतरीन संवाद बनाए रखा, कठिन परिस्थितियों में धैर्य दिखाया और दुनिया की नंबर-1 वनडे टीम के खिलाफ सीरीज जीतना गर्व की बात है. उन्होंने बेन डकेट और जैकब बेथेल की साझेदारी को मैच का अहम मोड़ बताया. साथ ही जो रूट की क्लासिक बल्लेबाजी और जोस बटलर की फिनिशिंग की भी जमकर तारीफ की.
ब्रेंडन मैकुलम की सलाह से बदला मैच
हैरी ब्रूक ने खुलासा किया कि मैच के दौरान उन्होंने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम से बातचीत की थी. मैकुलम ने उन्हें सलाह दी कि जैकब बेथेल पर भरोसा बनाए रखें और उन्हें लगातार सात-आठ ओवर गेंदबाजी करने दें. ब्रूक ने कहा कि शुरुआत में बेथेल को थोड़ी मुश्किल हुई, लेकिन उन्होंने धैर्य रखा और आखिरकार टीम के लिए अहम सफलता दिलाई.
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