पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद डच टीम के कोच रोनाल्ड कोमैन ने छोड़ा पद

Ronald Koeman: फीफा विश्व कप 2026 में नीदरलैंड्स का सफर मोरक्को के सामने समाप्त हो गया. इस हार के लिए कोच ने अपने आप को जिम्मेदार ठहराया है.

Ronald Koeman: पेनल्टी शूटआउट में मिली अप्रत्याशित हार के बाद डच टीम के कोच रोनाल्ड कोमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. रोनाल्ड कोमैन ने हार का पूरा दोष अपने ऊपर लेते हुए स्पष्ट किया कि टीम के प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी उन्हीं की है. हार की वजह से उन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया.

आखिरी मिनट में हाथ से फिसला मैच

राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में नीदरलैंड्स जीत के बेहद करीब था. टीम ने कोडी गाक्पो के गोल की बदौलत बढ़त बना रखी थी, लेकिन इंजरी टाइम में मोरक्को के इस्सा डियोप ने बराबरी का गोल कर मुकाबले को अतिरिक्त समय में पहुंचा दिया. इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने 3-2 से जीत दर्ज कर नीदरलैंड्स को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. यह विश्व कप इतिहास में डच टीम की सबसे शुरुआती विदाई मानी जा रही है.

टीम की अप्रत्याशित हार के बाद कोमैन का भावुक संदेश

इस्तीफे की घोषणा करते हुए कोमैन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूरी टीम का सपना विश्व कप में इतिहास रचने का था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि इस नाकामी से सबसे ज्यादा निराश वही हैं और मुख्य कोच होने के नाते पूरी जिम्मेदारी उनकी है. कोमैन ने खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया.

परिवार को समय देने का भी लिया फैसला

63 वर्षीय कोमैन ने बताया कि अब वह अपनी पत्नी, बच्चों और पोते-पोतियों के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं. उन्होंने संकेत दिए कि यह फैसला केवल फुटबॉल परिणामों की वजह से नहीं, बल्कि निजी जीवन को प्राथमिकता देने के लिए भी लिया गया है.

रणनीति पर उठे सवाल

मोरक्को के खिलाफ मुकाबले में कोमैन ने पारंपरिक आक्रामक शैली छोड़कर पांच डिफेंडरों के साथ रक्षात्मक रणनीति अपनाई. हार के बाद इस फैसले की डच मीडिया और फुटबॉल विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की. हालांकि कोमैन ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह रणनीति मोरक्को के आक्रमण को रोकने के लिए अपनाई गई थी और यदि दोबारा मौका मिलता तो भी वह यही तरीका अपनाते.

दूसरा कार्यकाल भी समाप्त

यह नीदरलैंड्स टीम के साथ कोमैन का दूसरा कार्यकाल था. उन्होंने पहली बार 2018 से 2020 तक टीम का नेतृत्व किया था, जिसके बाद वह बार्सिलोना क्लब के कोच बने. 2022 विश्व कप के बाद उन्होंने दोबारा राष्ट्रीय टीम की कमान संभाली और यूरो 2024 में टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया, लेकिन विश्व कप 2026 में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके.

अब आगे क्या

डच फुटबॉल महासंघ (केएनवीबी) अब नए मुख्य कोच की तलाश शुरू करेगा. टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने और खिताब की दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन शुरुआती नॉकआउट दौर में बाहर होने से पूरे अभियान को बड़ी निराशा माना जा रहा है.

इसे भी पढ़े- सेनेगल की बढ़ी मुसीबत, वर्ल्ड कप से बाहर हुआ ये दिग्गज खिलाड़ी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ritu Raj

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >