Sumit Nagal: भारत का डेविस कप अभियान कोरिया के खिलाफ 1-3 की हार के साथ खत्म हो गया. इस हार के बाद भारतीय टीम के नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीद भी समाप्त हो गई. हालांकि, मुकाबले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सुमित नागल के प्रदर्शन को लेकर रही.
नागल निर्णायक मुकाबले में सूनवू क्वोन के खिलाफ सिर्फ 1-6, 2-6 से हार गए. इस हार के साथ कोरिया ने भारत के खिलाफ मुकाबला अपने नाम कर लिया. लेकिन भारतीय टीम के कप्तान रोहित राजपाल ने नागल को हार का जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया.
‘किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा’
रोहित राजपाल ने कहा कि
डेविस कप जैसे टीम इवेंट में जीत या हार किसी एक खिलाड़ी की वजह से नहीं होती. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने मुकाबले में कई मौके बनाए, लेकिन अहम समय पर उन्हें जीत में नहीं बदला जा सका. आगे कहा, “हम एक टीम की तरह खेलते हैं. मैं किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा. हम टीम की तरह जीतते हैं और टीम की तरह हारते हैं.”
चोट के बावजूद खेलते रहे सुमित नागल
रोहित राजपाल ने सुमित नागल की चोट का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि
बेंगलुरु में खेले गए मुकाबले के दौरान नागल के पैर में चोट लगी थी और इसके बावजूद उन्होंने टेप लगाकर मैच जारी रखा. राजपाल ने कहा कि टीम ने उस समय इस चोट के बारे में सार्वजनिक तौर पर जानकारी नहीं दी थी. उनके मुताबिक नागल ने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना पूरा प्रयास किया और मुकाबले को भारत के पक्ष में लाने की कोशिश की. कप्तान ने यह भी भरोसा जताया कि नागल इस मुश्किल दौर से जल्द बाहर निकलेंगे. उनका कहना था कि हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और नागल भी इस स्थिति से वापसी करने में सक्षम हैं.
सूनवू क्वोन के खिलाफ नहीं चला नागल का खेल
भारत के लिए सबसे अहम मुकाबला सुमित नागल और सूनवू क्वोन के बीच था. इस मैच में भारत को जीत की सख्त जरूरत थी, लेकिन नागल अपनी लय हासिल नहीं कर सके.
सूनवू क्वोन ने मुकाबला 6-1, 6-2 से अपने नाम किया. इस जीत के साथ कोरिया ने भारत के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त बना ली और भारत की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीद खत्म हो गई.
इससे पहले नागल ने ह्योन चुंग के खिलाफ लंबे मुकाबले में संघर्ष किया था. लगातार दबाव और लंबे मैच के बाद निर्णायक मुकाबले में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा.
पहला सेट जीतने के बाद भी भारत ने गंवाए मौके
भारत के लिए सबसे बड़ी निराशा यह रही कि शुक्रवार को खेले गए दोनों सिंगल्स मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने पहला सेट अपने नाम किया था. इसके बावजूद टीम इन मुकाबलों को जीत में नहीं बदल सकी.
राजपाल ने माना कि
भारतीय टीम के पास मैच खत्म करने के कई मौके थे. लेकिन अहम पलों में दबाव को संभालने और मुकाबले को अपने पक्ष में बंद करने में टीम से चूक हुई. उन्होंने कहा, “हममें मैच खत्म करने की कमी रही और किस्मत भी उनके साथ थी. कई चीजें उनके पक्ष में गईं.”
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‘हमें मैच बंद करना था’
राजपाल ने घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनका मानना है कि
भारतीय टीम ने मुकाबले में वापसी के मौके बनाए, लेकिन उन मौकों को नतीजे में बदलना जरूरी था. उन्होंने सुमित नागल के एक मुकाबले का उदाहरण देते हुए बताया कि नागल एक समय तीसरे सेट में 1-4 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया था. राजपाल के मुताबिक उस मुकाबले को भारत के पक्ष में खत्म किया जा सकता था, लेकिन टीम ऐसा करने में नाकाम रही.
