Rishabh Pant Midnight Post: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का एक सोशल मीडिया पोस्ट शनिवार की आधी रात से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारियों में जुटे पंत ने रात करीब 12:45 बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए जमीन खरीदने में मदद की गुहार लगाई. पंत ने लगातार दो पोस्ट कर अपनी परेशानी साझा की और बताया कि वह दिल्ली से अपना बेस हटाकर अपने गृह राज्य उत्तराखंड में बसना चाहते हैं. पंत की यह अपील इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने साफ किया कि वह सरकार से मुफ्त में जमीन या किसी तरह का तोहफा नहीं चाहते. वह सरकारी प्रक्रिया के तहत और सरकारी दरों पर जमीन खरीदकर उत्तराखंड में अपना घर बनाना चाहते हैं. पंत ने मुख्यमंत्री से केवल जमीन खरीदने की प्रक्रिया में स्पष्टता और मदद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.
ऋषभ पंत ने एक्स पर क्या पोस्ट किया
ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा कि
उत्तराखंड का स्थानीय निवासी होने के नाते वह लंबे समय से अपने गृह राज्य लौटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करना चाहते हैं, लेकिन बड़ी और रहने के लिहाज से उपयुक्त जमीन तलाशने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पंत ने अपनी पोस्ट में जमीन खरीदने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की कमी को भी अपनी परेशानी की बड़ी वजह बताया. उनका कहना है कि पिछले करीब तीन साल से वह जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बात आगे नहीं बढ़ पाई है. पंत ने मुख्यमंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण/खरीद की प्रक्रिया में उनकी मदद की जाए, क्योंकि मौजूदा स्थिति उनके लिए बेहद परेशान करने वाली बन गई है.
ऋषभ पंत ने खुलकर जाहिर की अपनी भावना
ऋषभ पंत ने अपने पोस्ट में उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव को भी खुलकर जाहिर किया. उन्होंने कहा कि
वह अपने मूल स्थान पर वापस लौटना चाहते हैं और अपने ‘पहाड़ी लोगों’ के बीच रहना चाहते हैं. पंत ने यह भी कहा कि वह उत्तराखंड के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं. यानी उनका मकसद केवल निजी घर बनाना नहीं, बल्कि अपने राज्य से जुड़कर वहां कुछ सकारात्मक योगदान देने की इच्छा भी है.
उनकी इस अपील में अपने गृह राज्य से भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आया. पंत का जन्म उत्तराखंड के रुड़की में हुआ था और क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए बाद में वह दिल्ली चले गए थे. अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा नाम बनने के बाद वह अपने बेस को वापस उत्तराखंड ले जाना चाहते हैं.
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सरकार से कोई मुफ्त जमीन नहीं मांग रहा
पंत ने अपनी पोस्ट में एक बात विशेष रूप से स्पष्ट की कि
वह सरकार से मुफ्त जमीन की मांग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी तरह का उपहार मिले तो वह अच्छी बात होगी, लेकिन उनकी इच्छा है कि उन्हें सरकारी प्रक्रिया के तहत जमीन खरीदने की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा कि वह सरकारी दरों पर जमीन खरीदना चाहते हैं और कम से कम अपने और अपने राज्य में अपना पहला घर बनाना चाहते हैं. पंत ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें खुद इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में मार्गदर्शन और सहयोग की अपील की है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ पोस्ट
पंत का यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. आधी रात को मुख्यमंत्री को सीधे टैग कर जमीन खरीदने की मदद मांगने का उनका अंदाज लोगों के लिए काफी अप्रत्याशित था. खास बात यह भी रही कि पंत ने अपनी मांग को किसी निजी शिकायत के रूप में रखने के बजाय सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री के सामने रखा. उनके पोस्ट में अपने राज्य में वापस बसने की इच्छा और जमीन खरीदने की प्रक्रिया को लेकर परेशानी दोनों बातें प्रमुखता से सामने आईं. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी या उत्तराखंड सरकार की ओर से पंत की इस सार्वजनिक अपील पर क्या प्रतिक्रिया आती है.
उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर भी बने पंत
ऋषभ पंत का उत्तराखंड से जुड़ाव ऐसे समय में फिर चर्चा में आया है, जब हाल ही में वह राज्य के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता बने हैं. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंत ने 23.84 करोड़ रुपये का आयकर जमा किया. यह आंकड़ा उत्तराखंड में किसी व्यक्तिगत करदाता द्वारा जमा किए गए टैक्स में सबसे अधिक बताया गया है. इससे पिछले वित्तीय वर्ष में भी पंत ने करीब 10.50 करोड़ रुपये का अग्रिम आयकर जमा किया था और व्यक्तिगत करदाताओं की सूची में शीर्ष पर रहे थे. यानी एक साल में उनके टैक्स भुगतान में काफी बड़ी बढ़ोतरी हुई है.
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