19वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के बाद बोले नडाल, भावुक कर देने वाली जीत, जानें कैसे बने लाल बजरी के बादशाह

न्यूयार्क : अमेरिकी ओपन फाइनल में दानिल मेदवेदेव पर मिली जीत को अपने 18 साल के कैरियर की ‘सबसे भावुक कर देने वाली जीत’ में से एक बताया. नडाल ने करीब पांच घंटे तक चले पांच सेटों के मुकाबले में रूसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर 19वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीता. उन्होंने जीत के बाद कहा ,‘‘ जिस […]

न्यूयार्क : अमेरिकी ओपन फाइनल में दानिल मेदवेदेव पर मिली जीत को अपने 18 साल के कैरियर की ‘सबसे भावुक कर देने वाली जीत’ में से एक बताया. नडाल ने करीब पांच घंटे तक चले पांच सेटों के मुकाबले में रूसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर 19वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीता. उन्होंने जीत के बाद कहा ,‘‘ जिस तरह से वह खेल रहा था, वह अद्भुत था. ‘इस मौके पर उनकी ग्रैंडस्लैम जीत का एक वीडियो भी दिखाया गया. उन्होंने कहा ,‘‘ यह मेरे टेनिस कैरियर की सबसे जज्बाती रातों में से एक है. वह वीडियो और आप सभी ने इसे खास बना दिया. दुनिया में कोई भी स्टेडियम इससे ज्यादा ऊर्जावान नहीं है .’ नडाल ने कहा ,‘‘ जिस तरह से यह मैच खेला गया, जज्बात पर काबू रखना मुश्किल था.’

जानें कैसे बने लाल बजरी के बादशाह

लाल बजरी के बादशाह माने जाने वाले रफेल नडाल को अमेरिकी ओपन के हार्डकोर्ट पर कामयाबी रातोंरात नहीं मिली है बल्कि इसके पीछे उनके जुझारूपन, लगन और मेहनत की लंबी दास्तान है . रूस के दानिल मेदवेदेव को हराकर नडाल ने चौथा अमेरिकी ओपन खिताब जीता . वह ओपन युगल में फ्लशिंग मीडोस पर पांच बार खिताब जीतने वाले रोजर फेडरर, पीट सम्प्रास और जिम्मी कोनोर्स से एक खिताब पीछे हैं . अमेरिकी ओपन में पहले पांच बार में सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सके नडाल ने कहा ,‘‘ अपने कैरियर की शुरूआत में मैने यहां कठिन दौर देखा है और मैच हारा हूं .’ उस दौरान नडाल ने दूसरे ग्रैंडस्लैम भले ही जीते लेकिन अमेरिकी ओपन में आठवें प्रयास में सफलता मिली .

उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे यहां अच्छा लगता है .यहां का माहौल पसंद है और यहां काफी ऊर्जावान महसूस करता हूं .’ कैरियर के लिये खतरा बनी घुटने की चोट को धता बताकर इस उम्र में खिताब जीतने वाले नडाल अब फेडरर के 20 ग्रैंडस्लैम खिताबों से एक खिताब ही पीछे हैं . उन्होंने हालांकि आंकड़ों की बाजीगरी में पड़ने से इनकार करते हुए कहा ,‘‘ निश्चित तौर पर मैं सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम जीतना चाहता हूं लेकिन नहीं भी जीतूंगा तो भी चैन की नींद सो सकूंगा .’ वह अभी तक 10 फ्रेंच ओपन, चार अमेरिकी ओपन, दो विम्बलडन और एक आस्ट्रेलियाई ओपन जीत चुके हैं . उन्होंने आठ बरस की उम्र में अंडर 12 क्षेत्रीय खिताब जीता और 15 वर्ष में पेशेवर बन गए .

उन्होंने 19 साल में पहला फ्रेंच ओपन खिताब 2005 में पदार्पण के साथ ही जीता . आंद्रे अगासी के अलावा नडाल ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने कैरियर ग्रैंडस्लैम और ओलंपिक एकल स्वर्ण जीता है . नडाल ने 2008 में बीजिंग में ओलंपिक स्वर्ण जीता था . घुटने और कलाई की चोट के कारण वह नौ बार ग्रैंडस्लैम नहीं खेल सके थे . वह 2015 और 2016 में ग्रैंडस्लैम फाइनल नहीं खेल सके थे तो लोगों को लगा कि अब उनका कैरियर खत्म हो चुका है . इसके बाद वह 2017 में आस्ट्रेलियाई ओपन फाइनल में पहुंचे हालांकि फेडरर से हार गए . लेकिन जून में रिकार्ड दसवीं बार फ्रेंच ओपन खिताब जीतकर वापसी की .

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