स्क्वाश एकल स्पर्धा में दीपिका-सौरव और चिनप्पा ने भारत को दिलाया तीन कांस्‍य, PM मोदी ने दी बधाई

जकार्ता : भारत का शनिवार को यहां 18वें एशियाई खेलों की स्क्वाश एकल स्पर्धा में अभियान तीन कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ. जिसमें सौरव घोषाल, दीपिका पल्लीकल कार्तिक और जोशना चिनप्पा अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हार गये. सौरव घोषाल दो गेम की बढ़त गंवा बैठे और पुरुष एकल सेमीफाइनल में हार गये. इससे पहले महिला […]

जकार्ता : भारत का शनिवार को यहां 18वें एशियाई खेलों की स्क्वाश एकल स्पर्धा में अभियान तीन कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ. जिसमें सौरव घोषाल, दीपिका पल्लीकल कार्तिक और जोशना चिनप्पा अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हार गये.

सौरव घोषाल दो गेम की बढ़त गंवा बैठे और पुरुष एकल सेमीफाइनल में हार गये. इससे पहले महिला एकल सेमीफाइनल में दीपिका पल्लीकल कार्तिक और जोशना चिनप्पा को भी हार का सामना करना पड़ा था. इन शिकस्त के बावजूद यह भारत का एशियाई खेलों की स्कवाश एकल स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.

2014 एशियाई खेलों में भारत ने दो एकल पदक – घोषाल ने एक रजत और दीपिका ने एक कांस्य पदक – जीते थे. घोषाल को चुनौतीपूर्ण सेमीफाइनल में हांगकांग के चुन मिंग अयु से 12-10 13-11 6-11 6-11 6-11 से हार गये. पहले गेम में वह एक समय 4-9 से पिछड़ रहे थे लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए बढ़त बनायी. दूसरे गेम में वह 4-0 से आगे चल रहे थे लेकिन प्रतिद्वंद्वी हार मानने के मूड में नहीं था, वह 8-8, 9-9 और 11-11 के साथ बराबरी पर था लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 2-0 से बढ़त बना ली.

तीसरे गेम में घोषाल ने 6-5 से आगे होने के बावजूद लगातार छह अंक गंवा दिये जिसेस चुंग मिंग ने वापसी की. फिर भारतीय खिलाड़ी को परेशानी होने लगी और वह चौथा और पांचवां सेट गंवा बैठा. घोषाल ने कहा कि उन्हें दूसरे सेट के अंत में बायें पैर में चोट लग गयी थी जिससे वह पिछड़ते चले गये.

उन्होंने कहा, मैं बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन यह काफी दर्द कर रहा है. इस खिलाड़ी के खिलाफ आपको तेज तर्रार खेल की जरूरत थी. दूसरे गेम के अंत में इसमें दर्द तेज हो गया और मेरी आक्रामकता कम होती चली गयी. लेकिन उसे श्रेय जाना चाहिए जिसने दो सेट गंवाने के बाद वापसी की. उन्होंने कहा, जीत में कई चीजों का मिश्रण होता है. आज शरीर ठीक नहीं था लेकिन मैंने यहां काफी अच्छा स्क्वाश खेला.

दीपिका को मलेशियाई धुरंधर और दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी और तीन बार की चैम्पियन निकोल डेविड ने सेमीफाइनल में 3-0 (11-7, 11-9, 11-6) से हराया जबकि जोशना को मलेशिया की सिवासांगरी सुब्रमण्यम से 1-3 (10-12 6-11 11-9 7-11) से हार मिली. भारतीय खिलाड़ी दीपिका ने जापान की काबायाशी मिसकी को क्वार्टर फाइनल में 3-0 से हराया था.

सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है और इसमें कोई कांस्य पदक प्ले-आफ नहीं होता. दीपिका ने इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक जीता था. उन्होंने कहा कि दुनिया की नौवे नंबर की खिलाड़ी निकोल के खिलाफ खेलना आसान नहीं था. उन्होंने कहा , वह अनुभवी है और उसे पता है कि हालात का सामना कैसे करना है. वह दस साल तक दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रही है. मुझे खुशी है कि मैने अच्छा खेला लेकिन शीर्ष हाफ में होने से निकोल से सामना हो गया.

उन्होंने कहा, हम टीम में स्वर्ण जीत सकते हैं. एकल में क्या हुआ , इसके बारे में ज्यादा सोचने का फायदा नहीं है. वापसी करना मुश्किल है लेकिन हमें करना होगा. हमारे सामने बड़ा लक्ष्य है और हम अभी जश्न नहीं मना सकते. भारतीय महिला टीम ने इंचियोन में रजत पदक जीता था. जोशना का यह एशियाई खेलों की एकल स्पर्धा का पहला पदक है जो पिछले तीन चरण में खाली हाथ लौटीं थीं.

उन्होंने कहा, अंपायरिंग स्तरीय नहीं थी. जब भी यह रैफरी होता तो मुझे हमेशा ऐसा ही लगा. इसे छोड़िये, सिवा सचमुच अच्छा खेली. मैं इसका (पदक का) लंबे समय से इंतजार कर रही थी. मैंने तीन एशियाई खेल पूरे किये लेकिन पदक नहीं जीता था.

भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पिछले कुछ समय से नियमित कोच के बिना खेल रहे हैं. एसआरएफआई ने साइरस पोंचा और भुवनेश्वरी कुमारी को बतौर कोच भेजा था लेकिन दीपिका ने कहा कि खिलाड़ी एक दूसरे की मदद करना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, हम सभी को खिलाड़ियों की कोचिंग पसंद है. खिलाड़ी ही खिलाड़ी से बात करेंगे. खिलाड़ियों ने यह फैसला लिया है. हरिंदर पाल संधू , सौरव घोषाल और मैं मिलकर अभ्यास करते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >