मिचेल स्टार्क चोट से उबर कर आईपीएल में अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स को जल्दी ही करेंगे ज्वाइन

Mitchell Starc :ऑस्ट्रेलियाई पेसर मिचेल स्टार्क चोट से उबर कर आईपीएल में अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स को जल्दी ही ज्वाइन करने वाले हैं. यह सूचना दिल्ली की टीम के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है, क्योंकि टीम अभी प्वाइंट टेबल में छठे स्थान पर है और उसने 6 मैच में से तीन हारे हैं और तीन में उसे जीत मिली है.

Mitchell Starc : आईपीएल 2026 में संघर्ष कर रही दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम ऑस्ट्रेलियाई पेसर मिचेल स्टार्क की वापसी से राहत महसूस करेगी. उनकी वापसी की खबर से दिल्ली कैंप में खुशी है. स्टार्क की टीम में वापसी से दिल्ली कैपिटल्स को गेंदबाजी में बड़ा बूस्ट मिलेगा.

ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से दिल्ली ने दी जानकारी

दिल्ली कैपिटल्स के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से यह जानकारी दी गई कि मिचेल स्टार्क फिट हो चुके हैं और वे जल्दी ही टीम के साथ जुड़ेंगे. शनिवार दोपहर को दिल्ली का मुकाबला पंजाब किंग्स (PBKS) से होना है, लेकिन इस मैच में मिचेल स्टार्क शामिल नहीं होंगे. उम्मीद है कि वे 1 मई को राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ दिल्ली के मैच में वापसी करें. 36 साल के बाएं हाथ के गेंदबाज एशेज के दौरान चोटिल होने के बाद से जनवरी के आखिर से मैदान से बाहर हैं, जहां उन्हें 19.93 की औसत से 31 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था.

कैच लेने के दौरान बाएं कंधे और कोहनी में लगी थी चोट

मिचेल स्टार्क को एक मैच के दौरान कैच लेने की कोशिश में उनके बाएं कंधे और कोहनी में चोट लग गई थी. हालांकि उन्होंने फरवरी में ब्रेक लिया था, लेकिन बॉलिंग में वापसी करने पर उन्हें लंबे समय तक दर्द रहने के कारण आईपीएल में शामिल में होने में देरी हुई.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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