Srikkanth criticised Tilak Varma: पूर्व भारतीय कप्तान श्रीकांत का मानना है कि किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज को हर परिस्थिति में बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे सामने दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज ही क्यों न हों. उन्होंने कहा कि यदि टीम प्रबंधन को तिलक की क्षमता पर पूरा भरोसा है, तो उन्हें कठिन परिस्थितियों में आगे भेजना चाहिए, न कि ऐसे फैसले लेने चाहिए जिससे यह लगे कि उन्हें जानबूझकर तेज गेंदबाजी से बचाया जा रहा है. पूर्व कप्तान की इस टिप्पणी के बाद टीम चयन, बल्लेबाजी क्रम और टीम मैनेजमेंट की रणनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
इंग्लैंड दौरे पर संघर्ष कर रही है भारतीय टीम
टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम नए नेतृत्व में खेल रही है, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर उसका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. कप्तान श्रेयस अय्यर और उपकप्तान तिलक वर्मा की अगुवाई में टीम अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है. आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम शुरुआती मुकाबले गंवा चुकी है, जिससे खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है.
तिलक वर्मा के चयन पर उठाए सवाल
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि तिलक वर्मा लगातार प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि टीम को विकल्प चुनना हो तो वह तिलक की जगह संजू सैमसन को खिलाना पसंद करेंगे. उनके अनुसार तिलक तेज गेंदबाजी और अतिरिक्त उछाल के सामने असहज दिखाई देते हैं और यह टीम के लिए चिंता का विषय है.
श्रीकांत ने तिलक वर्मा पर कसा तंज
श्रीकांत ने तंज कसते हुए कहा कि तिलक पहले ही टीम के उपकप्तान हैं और ऐसा लगता है कि जल्द ही कप्तान भी बन जाएंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि खिलाड़ी नेतृत्व समूह का हिस्सा है, तो उसे हर परिस्थिति में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, न कि कठिन गेंदबाजी से बचाया जाना चाहिए.
टीम मैनेजमेंट पर भी साधा निशाना
पूर्व कप्तान ने टीम प्रबंधन की रणनीति पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि कई मौकों पर अक्षर पटेल को तिलक वर्मा से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जिससे यह संदेश जाता है कि टीम प्रबंधन खुद तिलक को तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेलने को लेकर आश्वस्त नहीं है. श्रीकांत ने कहा कि यदि तिलक टीम के मुख्य बल्लेबाज हैं तो उन्हें हर तरह की चुनौती का सामना करना चाहिए.
हालिया प्रदर्शन नहीं रहा प्रभावशाली
उपकप्तान बनने के बाद तिलक वर्मा ने कुछ उपयोगी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वे लगातार बड़ी और मैच जिताऊ पारी खेलने में सफल नहीं रहे. इंग्लैंड दौरे पर भी उनका प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा है, जिसके कारण उनकी भूमिका और टीम में जगह को लेकर बहस तेज हो गई है.
बढ़ सकता है चयनकर्ताओं पर दबाव
भारतीय टीम के लगातार खराब नतीजों के बीच बल्लेबाजी क्रम और टीम संयोजन पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में यदि अगले मुकाबलों में भी टीम का प्रदर्शन नहीं सुधरता, तो चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव तथा तिलक वर्मा की भूमिका पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है.
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