Karsan Ghavri on Jasprit Bumrah: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. चोट के कारण लगातार टीम से बाहर चल रहे बुमराह को लेकर पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज करसन घावरी ने बड़ा सुझाव दिया है. घावरी का मानना है कि बुमराह को क्रिकेट से लंबा ब्रेक लेकर अपनी फिटनेस पर काम करना चाहिए. दो वर्ल्ड कप खेल चुके करसन घावरी ने कहा कि बुमराह को कम से कम 6 महीने या फिर एक साल तक क्रिकेट से दूर रहकर पूरी तरह फिट होना चाहिए. उनके मुताबिक, आधी फिटनेस के साथ मैदान पर उतरना किसी तेज गेंदबाज के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
आईपीएल 2026 के बाद सिर्फ दो मैच खेल पाए बुमराह
जसप्रीत बुमराह आईपीएल 2026 के बाद अब तक सिर्फ दो मुकाबले ही खेल पाए हैं. इसके बाद वह इंग्लैंड में वनडे सीरीज के आखिरी मैच में भी मैदान पर नहीं उतरे. वहीं, घुटने की चोट के चलते उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से भी बाहर होना पड़ा. बुमराह की लगातार चोटों ने भारतीय टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है. वर्ल्ड कप 2023 के बाद से भी उनकी उपलब्धता सीमित रही है.
‘बुमराह को पूरी तरह फिट होकर ही वापसी करनी चाहिए’
करसन घावरी ने ‘मिड-डे’ से बातचीत में कहा कि चयनकर्ताओं को बुमराह को जल्दबाजी में किसी सीरीज या टूर्नामेंट के लिए टीम में शामिल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा,
“बुमराह को पांच से छह महीने या एक साल का ब्रेक लेना चाहिए और 100 प्रतिशत फिटनेस हासिल करनी चाहिए. समस्या यह है कि वह आधी-अधूरी फिटनेस के साथ टूर्नामेंट में चले जाते हैं और फिर वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से बीच में ही बाहर होना पड़ता है.” घावरी ने आगे कहा कि अगर बुमराह पूरे टूर्नामेंट में अपना वर्कलोड संभालने की स्थिति में हों, तभी उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए.
‘बुमराह को तीनों फॉर्मेट में खिलाना मुश्किल’
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने बुमराह को तीनों फॉर्मेट में खिलाने की रणनीति पर भी सवाल उठाए. उनका मानना है कि बुमराह का करियर लंबा बनाए रखने के लिए उन्हें सीमित क्रिकेट खेलना चाहिए. घावरी ने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि बुमराह सभी फॉर्मेट में खेल पाएंगे. टीम मैनेजमेंट को उन्हें सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में खिलाने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि यह एक अहम फॉर्मेट है.” उन्होंने कहा कि बुमराह भले ही आईपीएल, टी20 और वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हों, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उनके शरीर पर इतना भार डालना सही नहीं होगा.
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शमी और भुवनेश्वर की वापसी की मांग
करसन घावरी ने भारतीय टीम में मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार की वापसी की भी वकालत की है. उन्होंने कहा कि दोनों तेज गेंदबाज आईपीएल में लगातार खेल रहे हैं और फिट नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा,
“शमी और भुवी आईपीएल में बिना किसी चोट के लगातार खेल रहे हैं. उन्हें नेशनल टीम में वापस आना चाहिए. चयनकर्ताओं को उनके बारे में सोचना चाहिए.” घावरी के मुताबिक, अनुभवी गेंदबाजों की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी और बुमराह पर दबाव भी कम होगा.
सिराज को मिले सीनियर गेंदबाजों का साथ
घावरी ने कहा कि मोहम्मद सिराज को मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों का समर्थन मिलना चाहिए. इससे टीम को अलग-अलग फॉर्मेट के लिए बेहतर विकल्प मिल सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि
भुवनेश्वर कुमार को टी20 क्रिकेट में इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है. वहीं, टेस्ट क्रिकेट में शमी और सिराज को रोटेशन के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
बुमराह की फिटनेस पर टिकी टीम इंडिया की नजर
जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम के सबसे अहम तेज गेंदबाजों में शामिल हैं. उनकी सटीक यॉर्कर, नई गेंद से प्रभाव और डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी उन्हें खास बनाती है. हालांकि, पिछले कुछ समय से चोटों के कारण उनकी उपलब्धता टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. करसन घावरी की सलाह के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या बुमराह को लंबे समय तक फिट रखने के लिए उनके वर्कलोड और फॉर्मेट को लेकर नई रणनीति अपनानी चाहिए.
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