Women's Asia Cup: एशिया कप चैंपियन बनकर भी टीम इंडिया ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी, जानिए BCCI के फैसले पर क्या बोले कोच

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. लेकिन ट्रॉफी सेरेमनी में टीम इंडिया की गैरमौजूदगी ने सबको चौंका दिया. जानिए क्या है पूरा मामला और BCCI के फैसले पर कोच का क्या कहना है.

Women's Asia Cup Champion: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया. टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले 183/5 का स्कोर खड़ा किया और फिर श्रीलंका को 111 रन पर समेट दिया. हालांकि खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी लेने के दौरान एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया. भारतीय टीम एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंची. इस पूरे मामले पर भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने टीम का रुख साफ कर दिया है.

BCCI के फैसले के साथ खड़ी है टीम इंडिया

मैच के बाद अमोल मजूमदार ने कहा कि भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और वह एशिया कप चैंपियन है. उन्होंने कहा कि बड़े बोर्ड पर भारत को एशिया कप 2026 का विजेता घोषित किया जाना ही उनके लिए काफी है.

मजूमदार ने कहा, 'यह फैसला BCCI ने लिया है और हम इसके साथ खड़े हैं. हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है. हम चैंपियन हैं. बड़े बोर्ड पर भारत को एशिया कप 2026 का चैंपियन दिखाया गया. हमारे लिए यही काफी है. हम इस जीत से खुश हैं और अब एशियन गेम्स की ओर देख रहे हैं.'

ट्रॉफी समारोह से पहले अलग नजर आई टीम इंडिया

ट्रॉफी सेरेमनी शुरू होने से पहले भारतीय टीम अपने खिलाड़ियों के साथ अलग हडल में नजर आई. इस दौरान कोच अमोल मजूमदार ने खिलाड़ियों से बातचीत की. BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी टीम के साथ मौजूद रहे.

BCCI अधिकारियों ने खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी. इसी दौरान तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा को 'फील्डर ऑफ द मैच' का मेडल भी दिया गया. नंदिनी ने मुकाबले में दो शानदार कैच पकड़े थे. इसके बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों को रनर-अप मेडल दिए गए. श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने मंच पर जाकर अपना रनर-अप चेक भी लिया. इस दौरान मोहसिन नकवी भी मंच पर मौजूद थे. लेकिन भारतीय खिलाड़ी पुरस्कार समारोह में नजर नहीं आए.

हरमनप्रीत कौर भी प्रेजेंटेशन में नहीं पहुंचीं

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच खत्म होने के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत की थी. हालांकि वह भी श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू के बाद होने वाले पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं. आमतौर पर चैंपियन टीम के ट्रॉफी उठाने के दौरान मैदान पर जश्न और आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. भारतीय टीम की ट्रॉफी उठाते हुए तस्वीर भी सामने नहीं आई.

ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट

पुरुष एशिया कप में भी हुआ था ऐसा ही विवाद

ट्रॉफी को लेकर यह विवाद नया नहीं है. पिछले साल पुरुष एशिया कप के दौरान भी भारत और मोहसिन नकवी के बीच ट्रॉफी को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया था.

भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर खिताब जीता था. इसके बाद भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव के बीच यह मामला काफी चर्चा में रहा था. उस समय ट्रॉफी सेरेमनी में भी काफी देरी हुई थी. बाद में एशिया कप ट्रॉफी को मंच से हटा दिया गया था. भारतीय टीम ने हालांकि मैदान पर जमकर जश्न मनाया था.

ये भी पढ़ें: AHF Junior Women's Asia Cup: चीन को 1-0 से हराकर भारत बना चैंपियन, PM मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई

भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया

फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई. शेफाली ने 39 गेंदों पर 68 रन बनाए. उनकी पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों पर 59 रन की तेज पारी खेली. उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के लगाए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की.

जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की ओर से श्री चरानी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 20 रन देकर चार विकेट लिए. इस तरह भारत ने 72 रन से मुकाबला जीतकर 8वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया.

ये भी पढ़ें: IND vs AFG: पहले ओवर में सिक्स जड़ते ही अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, बना डाले 2 नए रिकॉर्ड

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अभिजीत कुमार

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

उनका मानना है कि एक अच्छी स्पोर्ट्स स्टोरी सिर्फ खबर नहीं बताती, बल्कि पाठक को उस पल का हिस्सा महसूस कराती है. यही सोच उनके लेखन की पहचान है और यही वजह है कि उनके आर्टिकल्स में खबर के साथ कहानी, संदर्भ और क्रिकेट का जुनून भी नजर आता है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >