India-Sri Lanka Second Test Draw Reason: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हो गया. टीम इंडिया ने मुकाबले में श्रीलंका को फॉलोऑन देकर जीत की मजबूत स्थिति बना ली थी. लेकिन पांचवें दिन भारतीय टीम श्रीलंका के आखिरी चार विकेट नहीं निकाल सकी, जिसके कारण उसे ड्रॉ पर संतोष करना पड़ा. सोनल दिनुशा ने दोनों पारियों में शतक लगाकर श्रीलंका की लाज बचाई और हारा मुकाबला ड्रॉ में बदल दिया.
भारत से कहां हुई चूक?
भारत के हाथ से जीत निकलने के पीछे कई कारण रहे. पांचवें दिन भारतीय टीम के पास चार विकेट निकालकर जीत हासिल करने की संभावना थी. लेकिन भारतीय गेंदबाज श्रीलंका के आखिरी चार विकेट हासिल नहीं कर सके.
- आखिरी चार विकेट नहीं निकाल पाना: भारत को पांचवें दिन जीत के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए थे, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को आउट करने में कामयाब नहीं हो सके.
- निचले क्रम को रोकने में नाकामी: केशरा नुवांता और श्रीलंका के अन्य पुछल्ले बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया और समय निकालने में सफल रहे.
- सोनल दिनुशा की दीवार: सोनल दिनुशा ने पहली पारी के बाद दूसरी पारी में नाबाद 133 रन बनाकर भारत की जीत की राह रोक दी.
- दबाव को विकेट में नहीं बदलना: भारतीय गेंदबाज दबाव तो बना रहे थे, लेकिन लगातार विकेट नहीं मिल पाए.
- बारिश से समय का नुकसान: मुकाबले में बारिश के कारण काफी समय खराब हुआ, जिससे भारत के पास मैच खत्म करने के लिए सीमित समय बचा.
- रणनीति का नहीं दिखा असर: श्रीलंका ने पांचवें दिन आक्रामक क्रिकेट खेलने के बजाय समय निकालने पर जोर दिया. भारतीय टीम विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखने के बावजूद उस रणनीति को तोड़ नहीं सकी.
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आखिरी चार विकेट नहीं निकाल सकी भारतीय टीम
पांचवें दिन भारतीय टीम की नजरें जल्द से जल्द चार विकेट हासिल करने पर थी. फॉलोऑन के बाद मेजबान टीम दबाव में थी, लेकिन भारतीय गेंदबाज उस दबाव को विकेट में नहीं बदल पाए. समय बीतने के साथ श्रीलंकाई बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बढ़ता गया और भारत की जीत की संभावना कमजोर होती चली गई. आखिरकार मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ और टीम इंडिया को 2-0 की जगह 1-0 की सीरीज जीत से संतोष करना पड़ा.
सोनल दिनुषा ने बदली पूरी कहानी
भारत की जीत के बीच सबसे बड़ी बाधा सोनल दिनुशा बने. उन्होंने पहली पारी में शतक लगाने के बाद दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी की और नाबाद 133 रन बनाए. दिनुशा ने एक छोर संभालकर रखा और भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा. उनकी पारी ने श्रीलंका को हार से बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई.
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पुछल्ले बल्लेबाजों ने भी बढ़ाई मुश्किल
भारत के लिए सबसे निराशाजनक पहलू यह रहा कि श्रीलंका के निचले क्रम को जल्दी आउट नहीं किया जा सका. केशरा नुवांता और अन्य बल्लेबाजों ने क्रीज पर समय बिताया और भारतीय गेंदबाजों को लगातार विकेट से दूर रखा. भारत को जहां कुछ ही ओवर में मैच खत्म करने की उम्मीद थी, वहीं श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने मुकाबले को आखिरी समय तक खींच दिया.
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क्या फॉलोऑन देना गलती थी?
फॉलोऑन देने के फैसले को सीधे भारत की गलती कहना सही नहीं होगा. भारत ने पहली पारी में 503/9 पर पारी घोषित की थी और श्रीलंका को 290 रन पर समेट दिया था. ऐसे में फॉलोऑन देकर विपक्षी टीम पर दोबारा दबाव बनाना टेस्ट क्रिकेट की सामान्य रणनीति है. असल चूक फॉलोऑन के बाद हुई. भारत के पास श्रीलंका को दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतारने के बाद मैच जीतने का मौका था, लेकिन आखिरी चार विकेट समय रहते नहीं निकाल पाए.
बारिश भी बनी विलेन
कोलंबो टेस्ट में बारिश ने कई बार खेल में खलल डाला. इससे भारत के पास श्रीलंका की दूसरी पारी में पर्याप्त ओवर करने का समय कम हो गया. पांचवें दिन श्रीलंका के बल्लेबाजों ने भी समय निकालने की रणनीति अपनाई. ऐसे में हर गुजरते ओवर के साथ भारत पर दबाव बढ़ता गया. जिसके बाद यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ. दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बावजूद भारत ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली. लेकिन टीम इंडिया के पास इसे 2-0 से जीतने का मौका था, जिसे वह भुना नहीं सकी.
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