Hockey World Cup IND vs PAK: भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी का मुकाबला हमेशा खास रहा है. मैदान पर दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं तो सिर्फ जीत-हार की बात नहीं होती, बल्कि पुरानी यादें और भावनाएं भी जुड़ जाती हैं. अब 16 साल बाद दोनों टीमें विश्व कप में फिर भिड़ने जा रही हैं. ऐसे में 2010 का वह मुकाबला एक बार फिर याद आ रहा है, जब भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराकर 28 साल पुरानी हार का हिसाब चुकता किया था.
उसी मैदान पर मिली थी 7-1 की हार
2010 का विश्व कप दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेला गया था. यही वह मैदान था, जहां 1982 के एशियाई खेलों के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 7-1 से हराया था. इस हार की टीस भारतीय हॉकी प्रशंसकों के दिल में लंबे समय तक रही.
28 फरवरी 2010 को विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में भारत और पाकिस्तान फिर इसी मैदान पर आमने-सामने थे. मुकाबले से पहले 1982 की हार की चर्चा खूब हो रही थी. दबाव भी था, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को 4-1 से हरा दिया.
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राजपाल ने पहले ही कर दिया था ऐलान
2010 में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे राजपाल सिंह ने बताया कि विश्व कप से कुछ दिन पहले भारत को पाकिस्तान के हाथों चैंपियंस चैलेंज में हार मिली थी. इसके बाद पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों ने उनसे मजाक में पूछा कि उस दिन भारत की टीम क्यों नहीं चल पाई.
राजपाल ने उन्हें जवाब दिया था कि 28 फरवरी को बात होगी. विश्व कप में जब दोनों टीमें उतरीं तो भारतीय टीम ने अपने कप्तान के उस जवाब को मैदान पर सच कर दिखाया. राजपाल के मुताबिक, 1982 की हार के कारण इस मुकाबले का दबाव काफी ज्यादा था. हालांकि टीम की तैयारी अच्छी थी और खिलाड़ियों ने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया. भारत की 4-1 की जीत ने पुराने जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया.
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शिवेंद्र का गोल और दर्शकों को सैल्यूट
इस मुकाबले की एक खास तस्वीर आज भी याद की जाती है. भारत के लिए गोल करने वाले शिवेंद्र सिंह ने गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को सैल्यूट किया था. उन्होंने बताया कि वह मैच उनके लिए बेहद खास था. स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था और 1982 की हार को लेकर काफी भावनाएं जुड़ी थीं.
भारत-पाकिस्तान के मैच में रोमांच और दबाव बना रहता है
शिवेंद्र ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का मैच हमेशा अलग होता है. पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की टीम भले ही पहले जैसी मजबूत नहीं रही हो, लेकिन दोनों देशों के बीच मुकाबले में रोमांच और दबाव हमेशा बना रहता है. अब 16 साल बाद विश्व कप में दोनों टीमें फिर आमने-सामने हैं. 2014 और 2023 में पाकिस्तान क्वालीफाई नहीं कर सका था, जबकि 2018 में दोनों का सामना नहीं हुआ. ऐसे में 2010 के बाद यह विश्व कप में दोनों की पहली भिड़ंत होगी.
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