FIFA World Cup 2026: अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में 11 जून से फीफा विश्व कप 2026 का आगाज होने जा रहा है. दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट में इस बार भी भारतीय टीम हिस्सा नहीं ले रही है, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्व मंच पर नजर आएंगे. ऐसे में भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें सरप्रीत सिंह, सैमुअल मौतौसामी, निशान वेलुपिल्ले और तहसीन मोहम्मद जमशेद पर टिकी रहेंगी.
भारतीय मूल वाले खिलाड़ियों की विश्व कप में मौजूदगी कोई नई बात नहीं है. 2006 फीफा विश्व कप में फ्रांस की ओर से खेलने वाले विकास धोरासू ने भारतीय मूल के फुटबॉलर के तौर पर खास पहचान बनाई थी. अब दो दशक बाद एक बार फिर भारतीय विरासत से जुड़े खिलाड़ी विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं.
न्यूजीलैंड की उम्मीद होंगे सरप्रीत सिंह
ऑकलैंड में पंजाबी परिवार में जन्मे सरप्रीत सिंह न्यूजीलैंड फुटबॉल टीम के प्रमुख मिडफील्डरों में शुमार हैं. उन्होंने 2018 में राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था. इसके एक साल बाद वह जर्मन दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख की पहली टीम से खेलने वाले भारतीय मूल के पहले फुटबॉलर बने. जून 2020 में उन्होंने बायर्न म्यूनिख के लिए अपना पहला सीनियर मुकाबला खेला और उसी सीजन बुंडेसलीगा खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे. हाल के समय में चोटों से जूझने के बावजूद उन्होंने दमदार वापसी की और विश्व कप के लिए न्यूजीलैंड की 26 सदस्यीय टीम में जगह बनाई. उनके नाम 24 अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीन गोल दर्ज हैं.
कांगो के मिडफील्ड की कमान संभालेंगे सैमुअल मौतौसामी
फ्रांस में जन्मे सैमुअल मौतौसामी की मां कांगो मूल की हैं, जबकि उनके पिता भारतीय तमिल परिवार से संबंध रखते हैं. इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांगो का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया. 29 वर्षीय मौतौसामी फिलहाल यूनान के क्लब एटरोमिटोस के लिए खेलते हैं. वह कांगो की राष्ट्रीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं और अब तक 57 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं. विश्व कप में उनकी भूमिका कांगो के अभियान के लिए बेहद अहम रहने वाली है.
ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार विश्व कप खेलेंगे निशान वेलुपिल्ले
25 वर्षीय विंगर निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलिया की उस युवा टीम का हिस्सा हैं, जिसमें कई खिलाड़ी पहली बार विश्व कप का अनुभव हासिल करेंगे. उनकी मां एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि पिता श्रीलंकाई तमिल समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. निशान ने अक्टूबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और चीन के खिलाफ अपने पहले ही मैच में गोल दागकर सुर्खियां बटोरी थीं. अब तक सात अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम तीन गोल दर्ज हैं. मेलबर्न विक्ट्री के लिए खेलने वाले निशान से ऑस्ट्रेलियाई टीम को काफी उम्मीदें हैं.
कतर की युवा ब्रिगेड का हिस्सा हैं तहसीन मोहम्मद जमशेद
दोहा में मलयाली परिवार में जन्मे तहसीन मोहम्मद जमशेद विश्व कप 2026 में हिस्सा लेने वाले सबसे युवा भारतीय मूल के खिलाड़ियों में शामिल हैं. उनके माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर से हैं. एस्पायर अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तहसीन कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले फुटबॉलर बने. वह वर्तमान में अल दुहैल एससी का हिस्सा हैं. 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने कतर के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था. इसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे और आयरलैंड के खिलाफ मैत्री मैचों में भी मौका मिला. हालांकि वह अभी अपने पहले अंतरराष्ट्रीय गोल का इंतजार कर रहे हैं.
भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए खास मौका
भारत भले ही फीफा विश्व कप 2026 का हिस्सा न हो, लेकिन भारतीय जड़ों से जुड़े इन चार खिलाड़ियों की मौजूदगी टूर्नामेंट को भारतीय प्रशंसकों के लिए और भी दिलचस्प बना देगी. विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ये खिलाड़ी न सिर्फ अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि भारतीय विरासत की पहचान भी दुनिया के सामने पेश करेंगे.
मृणाल कुमार पांडेय
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