Durand Cup 2026: मणिपुर के पश्चिमी पहाड़ी जिले नॉनी का नाम अब भारतीय फुटबॉल में तेजी से पहचान बना रहा है. इसकी वजह है एफसी रेंगदाई, जिसने अपने गठन के महज चार साल के भीतर डूरंड कप 2026 में जगह बनाकर इतिहास रच दिया. क्लब ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में मजबूत इंडियन नेवी को 1-0 से हराकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
चार साल पहले हुई थी क्लब की शुरुआत
एफसी रेंगदाई की स्थापना नवंबर 2022 में हुई थी. क्लब का उद्देश्य नॉनी और तामेंगलोंग जिले के प्रतिभाशाली फुटबॉलरों को ऐसा मंच देना था, जहां से वे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें. क्लब के महासचिव नेपोलियन रोंगमेई के मुताबिक, इन इलाकों में प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही, लेकिन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाता था. क्लब का नाम 'रेंगदाई' स्थानीय जेलियांगरोंगपुई (Zeliangrongpui) भाषा के शब्द हॉर्नबिल से लिया गया है. स्थानीय मान्यताओं में हॉर्नबिल को नेतृत्व, साहस, एकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
रणनीति और अनुशासन ने बदली तस्वीर
मुख्य कोच बीरबल सिंह क्षेत्रीमयुम की अगुआई में क्लब ने बेहद कम समय में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. टीम ने पहले मणिपुर प्रीमियर लीग का खिताब जीता और फिर पहली ही कोशिश में आई-लीग 3 के लिए क्वालिफाई किया. इसके बाद टीम आई-लीग 3 में उपविजेता रही और आई-लीग 2 में पहुंचने वाला मणिपुर का पहला आदिवासी क्लब बन गई. कोच ने विदेशी खिलाड़ियों पर निर्भर होने के बजाय युवा भारतीय खिलाड़ियों पर भरोसा जताया. इसी रणनीति का नतीजा है कि आज क्लब राष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना चुका है.
डूरंड कप डेब्यू में दर्ज की यादगार जीत
डूरंड कप के ग्रुप-डी में एफसी रेंगदाई का पहला मुकाबला इंडियन नेवी से था. अनुभव के मामले में इंडियन नेवी कहीं ज्यादा मजबूत टीम मानी जा रही थी, लेकिन एफसी रेंगदाई ने शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबला 1-0 से अपने नाम कर लिया. मैच का इकलौता गोल 58वें मिनट में खैदेम अमरजीत सिंह ने किया. इससे पहले मृदुल डोले ने विपक्षी डिफेंडर से गेंद छीनी और बेहतरीन मूव बनाते हुए अमरजीत को पास दिया, जिन्होंने गेंद को खाली गोल में पहुंचाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी.
करीब 18 हजार दर्शकों के सामने खेला मुकाबला
इंफाल के खुमान लंपक स्टेडियम में करीब 18 हजार दर्शकों की मौजूदगी में एफसी रेंगदाई ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की. टीम के कई खिलाड़ियों के परिवार दूर-दराज के गांवों में मोबाइल पर मैच देख रहे थे, जबकि कुछ परिजन स्टेडियम में मौजूद थे. यह जीत सिर्फ तीन अंकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नॉनी जैसे छोटे जिले को राष्ट्रीय फुटबॉल के नक्शे पर नई पहचान दिलाने वाली साबित हुई.
अब TRAU FC से होगी टक्कर
पहला मुकाबला जीतने के बाद एफसी रेंगदाई का अगला मैच TRAU FC से होगा. मणिपुर की दो टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला डूरंड कप 2026 के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक माना जा रहा है. महज चार साल में स्थानीय क्लब से राष्ट्रीय स्तर की टीम बनने तक का एफसी रेंगदाई का सफर इस बात का प्रमाण है कि सही योजना, मेहनत और प्रतिभा के दम पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.
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