Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में साउथ जोन ने मुश्किल स्थिति से शानदार वापसी करते हुए नॉर्थ जोन के खिलाफ पहली पारी में बढ़त हासिल कर ली है. एक समय 80 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी साउथ जोन की टीम को तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल की शानदार साझेदारी ने संभाल लिया. दोनों ने 175 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
एन जगदीशन हुए बोल्ड
नॉर्थ जोन ने पहली पारी में 195 रन बनाए थे. जवाब में साउथ जोन ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 40/2 रन बनाए थे. दूसरे दिन टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. सेट बल्लेबाज एन जगदीशन को गुरनूर बराड़ ने बोल्ड कर दिया. इसके बाद बराड़ ने लगातार दो और विकेट लेकर साउथ जोन का स्कोर 80/5 कर दिया. उस समय नॉर्थ जोन के पास पहली पारी में बढ़त लेने का शानदार मौका था, लेकिन तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल ने पूरा पासा पलट दिया.
175 रन की साझेदारी ने बचाई साउथ जोन की पारी
मुश्किल समय में क्रीज पर आए तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल ने बेहद संयम के साथ बल्लेबाजी की. दोनों ने 50 से ज्यादा ओवर तक साथ बल्लेबाजी की और नॉर्थ जोन के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया. दोनों बल्लेबाज शतक के करीब पहुंच चुके थे, लेकिन अर्शदीप सिंह ने इस साझेदारी को तोड़ दिया. उन्होंने श्रेयस गोपाल को 88 रन के स्कोर पर आउट कर 175 रन की साझेदारी का अंत किया.
गोपाल के आउट होने के बाद भी तिलक वर्मा ने अपना धैर्य नहीं खोया. उन्होंने शानदार शतक पूरा किया और दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद साउथ जोन की पारी को संभाले रखा. दिन का खेल खत्म होने तक साउथ जोन ने 285/9 का स्कोर बना लिया था और नॉर्थ जोन के 195 रन के जवाब में 90 रन की बढ़त हासिल कर ली थी. उसके हाथ में एक विकेट बाकी था.
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वैभव सूर्यवंशी की शानदार बैटिंग
दूसरे सेमीफाइनल में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन आमने-सामने हैं. सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 266 रन बनाए. जवाब में ईस्ट जोन ने शानदार शुरुआत की और एक समय बिना विकेट गंवाए 161 रन बना लिए थे. इस शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी का बड़ा योगदान रहा. उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 81 गेंदों पर 92 रन बनाए और अपनी पारी में सात छक्के लगाए. वह अपने पहले दलीप ट्रॉफी शतक से सिर्फ आठ रन दूर रह गए. सूर्यवंशी ने इस पारी के दौरान दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. उन्होंने 15 साल 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की और 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा.
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एक विकेट के बाद लगातार गिरते गए विकेट
वैभव सूर्यवंशी को आउट करने वाले हर्ष दुबे ने अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को भी पवेलियन भेज दिया. इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने सुदीप घरामी के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की और दोनों के बीच 39 रन की साझेदारी हुई. लेकिन इसके बाद सेंट्रल जोन के गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालने शुरू कर दिए. आर्यन पांडे, यश ठाकुर और हर्ष दुबे ने ईस्ट जोन के बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाए रखा.
ईस्ट जोन ने 161/0 से आगे बढ़ते हुए अपने आखिरी आठ विकेट सिर्फ 66 रन के अंदर गंवा दिए और पूरी टीम 266 रन पर ऑलआउट हो गई. इस तरह दोनों टीमों की पहली पारी समान स्कोर पर समाप्त हुई और मुकाबला पूरी तरह खुल गया.
दूसरी पारी में भी सेंट्रल जोन की खराब शुरुआत
पहली पारी में ईस्ट जोन की बराबरी के बाद सेंट्रल जोन को दूसरी पारी में मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन टीम की शुरुआत भी खराब रही. मुकेश कुमार ने शुरुआती साझेदारी तोड़ते हुए सेंट्रल जोन को पहला झटका दिया. इसके बाद उन्होंने रजत पाटीदार को सिर्फ पांच रन पर बोल्ड कर दिया. इन दोनों विकेटों के बीच मोहम्मद शमी ने आर्यन जुयाल को आउट किया. इस तरह सेंट्रल जोन ने दिन का खेल खत्म होने तक 43 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे.
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