TTE Deboard Dev Meena Kuldeep Yadav: ट्रेन यात्रा के दौरान दो नेशनल एथलीट्स देव मीणा और कुलदीप यादव के साथ ऐसा व्यवहार हुआ, जिसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. ट्रेन में TTE साहब ने दोनोंं एथलीट्स को पनवेल स्टेशन पर उतार ही दिया. यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम और खेलों के प्रति सोच को भी दिखाता है.
पनवेल स्टेशन पर क्या हुआ?
यह घटना तब हुई जब दो पोल वॉल्ट (Pole Vault) एथलीट ट्रेन से यात्रा कर रहे थे. इनमें से एक नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा (Dev Meena) हैं और दूसरे कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav). दोनों ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद अपने बेस लौट रहे थे. यात्रा के दौरान रेलवे के एक TTE ने उन्हें यह कहकर पनवेल स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया कि वह ट्रेन में पोल लेकर नहीं जा सकते है. खिलाड़ियों ने समझाने की कोशिश की कि यह पोल उनके खेल का जरूरी सामान है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई.
पांच घंटे तक स्टेशन पर फंसे रहे खिलाड़ी
घटना के बाद दोनों खिलाड़ी पनवेल स्टेशन पर करीब पांच घंटे तक फंसे रहे. उन्होंने अधिकारियों से बात की और अपनी मजबूरी बताई. खिलाड़ियों का कहना है कि वे बार-बार यह बताते रहे कि पोल वॉल्ट के बिना उनका खेल संभव ही नहीं है. इसके बावजूद रेलवे अधिकारियों ने कोई समाधान नहीं निकाला. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुलदीप यादव अपनी आपबीती बताते नजर आ रहे हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पडा. कुलदीप यादव नाम के एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमारे देश में खेलों को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता. इसी वजह से खिलाड़ी तमाम मुश्किलों के बावजूद मेडल जीतने के लिए संघर्ष करते हैं. पोस्ट में यह भी मांग की गई कि इस तरह का व्यवहार करने वाले टीटीई पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब देश के टॉप खिलाड़ी सुरक्षित नहीं हैं तो युवा खेलों की तरफ कैसे आएंगे.
इसके अलावा खेल इंडिया नाम के एक्स अकाउंट पर भी इस मामले को लेकर लिखा गया भारत के टॉप पोल वॉल्टर अपने पोल ले जाने के कारण रेलवे से उतारे गए और हिरासत में लिए गए. नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और कुलदीप यादव को रेलवे अधिकारियों ने सिर्फ पोल ले जाने के कारण रेलवे से उतार दिया और उन्हें 5 घंटे इंतजार करना पड़ा. क्या हम अपने एथलीटों के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं?
देव मीणा और कुलदीप की उपलब्धियां
देव कुमार मीणा मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. उन्होंने पिछले साल देहरादून में हुए 38वें नेशनल गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था. देव मीणा ने मेंस पोल वॉल्ट में 5.32 मीटर के साथ नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीता. खास बात यह रही कि उन्होंने 2023 में जीते गए अपने खिताब को भी डिफेंड किया. वहीं उत्तर प्रदेश के कुलदीप कुमार ने इसी प्रतियोगिता में 5 मीटर की छलांग के साथ ब्रांज मेडल अपने नाम किया था. ऐसे सफल खिलाड़ियों के साथ हुई यह घटना सिस्टम पर बड़ा सवाल खडा करती है.
प्रभत खबर के सवाल
- क्या इस तरह का बर्ताव किसी भी खिलाड़ी के साथ होना सही है?
- क्या वहां पर इन दो एथलीट की जगह कोई दूसरे खेल का एक स्टार खिलाड़ी होता तो ऐसा ही होता?
- क्या अगर कोई क्रिकेटर ट्रेन से सफर कर रहा होता और उसकी क्रिकेट किट उसके साथ होती तब भी TTE साहब ऐसा ही बर्ताव करते?
- जब इस देश की सरकार भारत में ओलंपिक जैसे खेल को आयोजित करने की बात करती है और ICC के चैयरमैन ओलंपिक में 100 से ज्यादा मेडल लाने के लिए प्रेरित करते है तो यह सब किसी भी अधिकारी के बर्ताव से संभव हो पाएगा? क्या ऐसे हम भारत में ओलंपिक के खेल करा सकेंगे?
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