चेन्नई के लिए एक और बुरी खबर, आयुष म्हात्रे का हैमस्ट्रिंग टियर हुआ; अगले कई मैचों में खेलना संदिग्ध

CSK vs SRH 2026 : चेन्नई सुपर किंग्स की टीम अपने छठे मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से 10 रन से हार गई. इस हार के बाद चेन्नई की टीम अपने छह मैच में से 4 में हार चुकी है और मात्र दो में उसे जीत मिली है. इस कठिन परिस्थिति में उसके इनफाॅर्म बैटर आयुष म्हात्रे का चोटिल होना टीम के लिए बड़ा नुकसान है.

CSK vs SRH 2026 : आईपीएल का खिताब 5 बार जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग्स की हालत 19वें सीजन में बहुत खराब चल रही है. महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में टीम अपना प्रदर्शन सुधार नहीं पा रही है और लगातार हार रही है. ऐसे में टीम के लिए उम्मीद की किरण बने बैटर आयुष म्हात्रे का चोटिल होना टीम के लिए बहुत बड़ा झटका है.

आयुष म्हात्रे का चोट गंभीर

भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान आयुष म्हात्रे शनिवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में चोटिल हो गए. सीएसके के बैटिंग कोच माइकल हसी ने उनकी चोट पर बात किया और बताया कि उनका हैमस्ट्रिंग टियर हो गया, जिसकी वजह से वे अभी काफी समय तक टीम से बाहर रहने वाले हैं. हालांकि माइकल हसी ने यह कन्फर्म नहीं किया कि म्हात्रे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं या नहीं. हां, यह बात तो कंफर्म है कि वे अभी अगले कई मैच में टीम को मिस करेंगे.माइकल हसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हैमस्ट्रिंग टियर है. अभी बताना मुश्किल है कि यह कितना बुरा है. हम शायद कल या अगले दिन उसका स्कैन करेंगे. मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन हां, यह काफी बुरा लग रहा है. यह टीम का दुर्भाग्य है क्योंकि म्हात्रे अभी अच्छा खेल रहे थे.

रन लेने के दौरान हैमस्ट्रिंग टियर हुआ

हैदराबाद के साथ खेलते हुए चेन्नई के बैटर आयुष म्हात्रे जब पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर दूसरा रन लेने के लिए दौड़े, तो नॉन-स्ट्राइकर एंड के पास उनकी स्पीड धीमी हो गई. बावजूद इसके उन्होंने रन पूरा, लेकिन उनके फिजियो तुरंत दौड़कर ग्राउंड पर आए.कुछ देर में आयुष ने फिर बैटिंग का फैसला किया, लेकिन उनकी चोट ने उन्हें टिकने नहीं दिया और उनका विकेट गिर गया. आउट होने के बाद उन्हें फिजियो मैदान से बाहर लेकर गए, उन्हें चलने में काफी दिक्कत हो रही थी.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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