Virat Kohli Rohit Sharma BCCI Central Contract: इस बदलाव का सीधा असर टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों पर पड़ सकता है. ANI नयूज एजेंसी ने बताया की बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक नए मॉडल में ग्रेड ए प्लस को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को ग्रेड बी में रखा जा सकता है. यह खबर सामने आते ही क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है क्योंकि अब तक ये खिलाड़ी सबसे ऊंचे कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड में शामिल रहे हैं. बीसीसीआई की अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.
क्या है BCCI का नया प्रस्ताव?
BCCI की चयन समिति ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का सुझाव दिया है. इस समिति की अगुवाई अजित अगरकर कर रहे हैं. प्रस्ताव के मुताबिक अब सिर्फ तीन ही कैटेगरी रहेंगी. ग्रेड ए, ग्रेड बी और ग्रेड सी. मौजूदा सिस्टम में ग्रेड ए प्लस सबसे ऊंची कैटेगरी है जिसमें सालाना सात करोड़ रुपये मिलते हैं. समिति का मानना है कि खिलाड़ियों की रोल और फॉर्मेट के हिसाब से तीन ग्रेड ही ठीक हैं. इससे कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को ज्यादा साफ और सरल बनाया जा सकेगा.
विराट और रोहित पर क्यों पड़ेगा असर?
विराट कोहली और रोहित शर्मा फिलहाल सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. नए मॉडल में फॉर्मेट खेलने का नंबर और उपलब्धता को अहम माना जा सकता है. इसी वजह से BCCI सूत्रों का कहना है कि अगर ग्रेड ए प्लस हटता है तो विराट और रोहित को ग्रेड बी में रखा जा सकता है. ग्रेड बी में अभी तीन करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं. हालांकि यह फैसला पूरी तरह बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर करेगा.
मौजूदा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की स्थिति
अप्रैल 2025 में जारी किए गए 2024-25 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार खिलाड़ियों को ग्रेड ए प्लस में रखा गया था. इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह शामिल थे. ग्रेड ए में शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत को जगह मिली थी. वहीं ग्रेड बी में सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर शामिल हैं. ग्रेड सी में कई युवा और उभरते खिलाड़ियों को मौका दिया गया था.
आगे क्या हो सकता है फैसला?
BCCI की एपेक्स काउंसिल बैठक में इस नए मॉडल पर चर्चा होगी. अगर बोर्ड इसे मंजूरी देता है तो भारतीय क्रिकेट के कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा. इससे खिलाड़ियों की कमाई के ढांचे में भी बदलाव आएगा. साथ ही यह साफ संदेश जाएगा कि अब फॉर्मेट खेलने की नियमितता को ज्यादा अहमियत दी जाएगी. क्रिकेट फैंस की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बीसीसीआई कब और क्या अंतिम फैसला लेता है.
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