सचिन नहीं, विनोद कांबली के लिए ‘देवदूत’ बनकर आया ये दिग्गज, पेंशन जितनी रकम दिलाएगा हर महीने

Vinod Kambli: विनोद कांबली, जो कभी क्रिकेट स्टेडियम में अपने स्ट्रोक्स से छा जाते थे, अब गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक संघर्षों से जूझ रहे हैं. दिसंबर 2024 में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने दोस्ती और इंसानियत की मिसाल पेश की, और कांबली की मदद के लिए आगे आए. गावस्कर की पहल ने साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि रिश्तों और इंसानियत की पहचान भी है.

Vinod Kambli: एक समय था जब विनोद कांबली की कलाई से निकले स्ट्रोक्स क्रिकेट स्टेडियम में गूंजते थे. भारत के लिए 17 टेस्ट और 104 वनडे खेलने वाले इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज की जिंदगी अब एक अलग मोड़ पर खड़ी है, जहां मैदान के शोर की जगह अस्पताल की खामोशी और आर्थिक संघर्ष ने ले ली है. दिसंबर 2024 में कांबली को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मूत्र संक्रमण और शरीर में ऐंठन जैसी समस्याओं के बीच वह आर्थिक रूप से भी कमजोर हो चले हैं. लेकिन ऐसे कठिन दौर में क्रिकेट के एक और महान चेहरे ने दोस्ती और इंसानियत की मिसाल पेश की सुनील गावस्कर. 

मुंबई के शिवाजी पार्क में कोच रमाकांत आचरेकर की स्मृति में हुए कार्यक्रम के दौरान गावस्कर ने वादा किया था कि वो कांबली के लिए कुछ करेंगे. अब वो वादा निभाया जा चुका है टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर की ‘चैम्प्स फाउंडेशन’ हर महीने कांबली को 30,000 रुपये की मदद और सालाना 30,000 रुपये की चिकित्सा सहायता देगी. गावस्कर और कांबली की मुलाकात जनवरी में वानखेड़े स्टेडियम की 50वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान भी हुई थी.

दरअसल विनोद कांबली के बुरे दिनों के बारे में तब पता चला जब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने अपने बचपन के दोस्त विनोद कांबली से मुलाकात की थी. इसी मुलाकात के दौरान कांबली का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे, जिससे फैंस उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हो गए थे. शिवाजी पार्क जिमखाना द्वारा साझा किए गए वीडियो में सचिन को कांबली से मिलते हुए देखा गया. कांबली काफी कमजोर नजर आए और अपनी सीट से उठ भी नहीं पाए, उन्होंने सचिन का हाथ काफी देर तक थामे रखा. जैसे ही सचिन आगे बढ़े, वह पल थोड़ा अजीब सा लग रहा था, जिसने कई फैंस को भावुक और हैरान कर दिया.

इस कहानी में एक और भावनात्मक मोड़ तब आया जब कांबली की पत्नी एंड्रिया हेविट ने एक पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने कभी तलाक लेने का फैसला किया था, लेकिन कांबली की असहाय स्थिति ने उन्हें रोक लिया. एंड्रिया के शब्दों में, “वो एक बच्चे की तरह हैं… अगर मैं उन्हें छोड़ देती तो उनका ख्याल कौन रखता? कई बार जाने का मन किया, लेकिन फिर सोचती थी—क्या उन्होंने खाना खाया है? क्या वो ठीक से लेटे हैं? और फिर मैं कॉल करके उनका हाल पूछती थी. समझ जाती थी कि उन्हें मेरी ज़रूरत है.”

खैर, अब उनकी इस मदद के बाद कांबली को आर्थिक समस्या से बहुत हद तक संबल मिलेगा. कांबली को बीसीसीआई की ओर से भी आर्थिक सहायाता के रूप में पेंशन मिलती है. उन्हें बीसीसीआई से भी 30,000 रुपये ही मिलते हैं, ऐसे में मेडिकल सहायता के अलावा अतिरिक्त तीस हजार उनकी स्थिति सुधारने में जरूर मदद करेंगे. 

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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