वनडे सीरीज में कंगारुओं को पीटने के बाद भी खुश नहीं हैं टेंबा बावुमा, इस ट्रॉफी को जीतने की है दिली इच्छा

Temba Bavuma reaction after beating Australia in ODI Series: साउथ अफ्रीका ने हाल में शानदार प्रदर्शन किया, टी20 विश्वकप फाइनल और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब जीता. अब ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में हराया. फिर भी कप्तान टेम्बा बावुमा मानते हैं कि टीम अभी अपने असली सर्वश्रेष्ठ स्तर से दूर है.

Temba Bavuma reaction after beating Australia in ODI Series: साउथ अफ्रीका ने पिछले कुछ समय में शानदार खेल दिखाया है. 2024 में टी20 के विश्वकप फाइनल में जीतते-जीतते भारत से हार गए. फिर उनकी महिला टीम ने टी20 विश्वकप के फाइनल का रास्ता तय किया. अंडर-19 टीम ने अपने विश्वकप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. चोकर्स का धब्बा और गहराता जा रहा था. एक बार फिर साउथ अफ्रीका को उसकी मेहनत का फल मिला और वे विश्व टेस्ट चैंपियशिप के फाइलन में पहुंचे. लेकिन इस बार उन्होंने नियति को बदलने की ठानी थी. ऑस्ट्रेलिया को खिताबी मुकाबले में शिकस्त देकर 1996 के बाद पहली बार कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती. इस सफर मे कई कप्तान आए और गए, लेकिन चैंपियन बनने का सपना टेम्बा बावुमा की लीडरशिप में ही पूरा हुआ. हाल ही साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रलिया को वनडे सीरीज में भी धो दिया. लेकिन टेंबा इससे खुश नहीं हैं.  

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने कहा कि उनकी टीम अभी उस स्तर से काफी दूर है. उनका अपने घर में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप को भी जीतने का सपना है. हालांकि उनके पास वहाँ तक पहुँचने के लिए पर्याप्त समय है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार पाँचवीं वनडे सीरीज जीतने के बाद भी साउथ अफ्रीका तीसरे और आखिरी मुकाबले में 276 रन से हार गया, जो एक रिकॉर्ड अंतर है. सफलता और असफलता के इस मिश्रण के बीच प्रोटियाज खुद को एक ट्रांजिशन टीम मानते हैं.  वर्ल्ड कप से दो साल पहले, नई प्रतिभाओं को मौका देकर साउथ अफ्रीका इस समय एक्सप्लोरेशन फेज से गुजर रहा है.

टेंबा बावुमा की सीरीज जीत के बाद प्रतिक्रिया

बावुमा ने मैके में तीसरे वनडे के बाद कहा, “आप टीम में नए चेहरे देख रहे हैं, और ये सब हमारे एक्सप्लोरेशन फेज़ का हिस्सा है. हम खिलाड़ियों को समझ रहे हैं कि वे टीम में कौन-सा रोल निभा सकते हैं और व्यक्तित्व के तौर पर क्या योगदान ला सकते हैं. हमारे पास समय है. वर्ल्ड कप तक दो साल हैं और हम निश्चित रूप से अभी उस स्तर के पास भी नहीं हैं जहाँ हम पहुँचना चाहते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “भले ही हमने सीरीज जीती, लेकिन हमें लगा कि हम अपने सर्वश्रेष्ठ से बहुत दूर हैं. ये बात भी रोमांचक है कि जब हम 100% क्षमता के करीब खेलेंगे तो क्या नतीजा होगा.”

AUS vs SA तीसरे वनडे मैच का हाल

ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ्रीका के बीच तीसरे वनडे मैच की बात करें, तो कंगारू टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने प्रोटियाज गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी. ट्रेविस हेड (142), कप्तान मिशेल मार्श (100) और कैमरन ग्रीन (नाबाद 118) के शतकों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट पर 431 रन बनाए, जो उसका दूसरा सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर रहा. इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम महज 155 रन पर सिमट गई और उसे वनडे इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी 276 रन की हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में कगिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों की गैरमौजूदगी टीम को भारी पड़ी.

ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करने वाले ऑलराउंडर कूपर कोनोली हीरो बनकर उभरे. उन्होंने अपनी बाएं हाथ की स्पिन से 22 रन देकर पांच विकेट झटके और साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से डेवाल्ड ब्रेविस (49) ने सबसे ज्यादा रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ टिक नहीं पाए. तेज गेंदबाज शॉन एबॉट (2/27) और जेवियर बार्टलेट (2/45) ने भी अहम योगदान दिया. इस जीत के बावजूद सीरीज साउथ अफ्रीका ने 2-1 से अपने नाम की, क्योंकि उसने पहले दो मैचों में में शानदार जीत दर्ज की थी. 

ये भी पढ़ें:-

भारत-पाकिस्तान के बीच पहला मैच और सीरीज कौन जीता? बवाल की शुरुआत भी यहीं हुई, जब लाठी लेकर दौड़े भारतीय कप्तान

संजू सैमसन की 42 गेंद में तूफानी सेंचुरी, एशिया कप से पहले गंभीर को दिया संदेश, इस बदलाव पर दो बार सोचेंगे हेड कोच

ढलान पर फैब फोर! मोईन अली और राशिद ने चुने क्रिकेट के अगले बिग फोर, इस कीवी खिलाड़ी का नाम शामिल कर चौंकाया

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >