Highlights
Suryakumar Yadav Praises Gautam Gambhir: भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) जीत लिया है. इस जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की जमकर तारीफ की. सूर्या ने बताया कि कैसे गंभीर ने टीम में एक नई ऊर्जा भरी और एक मजबूत टीम कल्चर तैयार किया. टीम इंडिया की इस सफलता के पीछे कोच गंभीर की अहम भूमिका रही है.
ड्रेसिंग रूम में रहती है गजब की एनर्जी
सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गंभीर खेल में पूरी तरह से शामिल रहते हैं. उनके अंदर गजब की एनर्जी होती है. सूर्या ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर गंभीर का बस चले तो वह खुद पैड पहनकर बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतर जाएं. गंभीर हमेशा टीम के खिलाड़ियों को याद दिलाते हैं कि क्रिकेट एक टीम गेम है और इसमें हर एक खिलाड़ी का योगदान बहुत जरूरी होता है.
किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है टीम
भारतीय कप्तान ने साफ किया कि टूर्नामेंट में मिली सफलता पूरी टीम के शानदार प्रदर्शन का नतीजा है. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच हो, वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच हो या फिर सेमीफाइनल का बड़ा मुकाबला, हर बार जरूरत पड़ने पर अलग-अलग खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया. गंभीर हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि टीम की जीत किसी एक या दो स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रह सकती. टीम के हर एक बल्लेबाज और गेंदबाज का अपना एक खास रोल होता है.
निजी रिकॉर्ड का मोह खत्म किया
सूर्यकुमार ने एक बड़ी बात का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि गंभीर ने टीम के अंदर से निजी रिकॉर्ड बनाने का मोह एकदम खत्म कर दिया है. खिलाड़ियों को साफ तौर पर यह कहा गया है कि वे सिर्फ टीम की जरूरत के हिसाब से खेलें. कोई भी खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर ध्यान नहीं देता है. सबका ध्यान सिर्फ एक ही लक्ष्य पर होता है और वह है टीम को जीत दिलाना.
छोटी और तेज पारियों का महत्व
सूर्या ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच का एक खास उदाहरण दिया. इस मैच में तिलक वर्मा ने सिर्फ 7 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन की तेज पारी खेली थी. सूर्या का मानना है कि इस तरह की छोटी पारियां भी किसी खिलाड़ी के अर्धशतक या शतक जितनी ही कीमती होती हैं. उन्होंने कहा कि कई बार कुछ ही गेंदों में बनाए गए 8 या 10 रन मैच का पूरा नतीजा बदल देते हैं. भारत ने अपना आखिरी मैच सिर्फ 7 रन के अंतर से जीता था. ऐसे में 3 या 4 गेंदों पर बने रन ही जीत और हार तय करते हैं.
टीम को सबसे आगे रखने की साफ सोच
वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान के अनुसार, गौतम गंभीर का मुख्य संदेश बहुत ही सरल है. उनका कहना है कि हमेशा अपनी टीम के बारे में सबसे पहले विचार करें. अगर मैच के हालात पहली ही गेंद से आक्रामक शॉट खेलने की मांग करते हैं, तो खिलाड़ी को वैसा ही करना चाहिए. गंभीर की इसी थ्योरी से टीम के अंदर एक पॉजिटिव माहौल बनता है. जब सभी खिलाड़ी अपने बारे में सोचना छोड़कर सिर्फ टीम के बारे में सोचने लगते हैं, तो जीत का लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है.
ये भी पढ़ें-
पाजी कभी हंस भी लिया करो, टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद अर्शदीप की मस्ती
घर चलो फिर बताती हूं, रोहित-रितिका की लड़ाई पर फैंस का फनी रिएक्शन
बाप रे बाप! नहीं देख पाएंगे ईशान और उनकी गर्लफ्रेंड का ये वीडियो, आंखें मूंद लेंगे उतनी हॉट है
