Suryakumar Yadav Batting Form: भारतीय टीम ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में इस साल टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया है. टीम को सफलता तो मिली लेकिन सूर्या की बैटिंग फॉर्म टीम मैनेजमेंट और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है. अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या 35 साल के सूर्यकुमार 2028 में होने वाले लॉस एंजेलिस ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी करने के लिए सही विकल्प रहेंगे.
खराब बैटिंग फॉर्म बनी परेशानी
वर्ल्ड कप के दौरान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 242 रन बनाए. उनकी सबसे अच्छी पारी अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में आई थी, जहां उन्होंने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन बनाए थे. इस मैच के बाद वह लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे. साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ वह सिर्फ 18, 18, 11 और 0 रन ही बना सके.
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में भी मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए शुरुआती चार मैचों में उनका बल्ला खामोश रहा है. इन मैचों में उन्होंने केवल 106 रन बनाए हैं, जिसमें दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 51 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर रहा है.
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा करेगा फैसला
भारतीय टीम जून-जुलाई के महीने में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर जाने वाली है. टी20 फॉर्मेट में यह अगली सीरीज है और सूर्यकुमार यादव के लिए यह बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है. इसी दौरे से यह तय किया जाएगा कि क्या उन्हें 2028 के ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट तक अगले दो साल के लिए टीम में रखा जा सकता है या नहीं. बीसीसीआई के एक सूत्र ने साफ किया है कि ब्रिटेन दौरे पर वह कप्तानी जरूर करेंगे लेकिन इसके बाद साल 2028 तक टीम में उनकी जगह सिर्फ उनके बेहतर प्रदर्शन पर निर्भर करेगी.
गंभीर और अगरकर की सोच में अंतर
एक तरफ जहां सूर्यकुमार यादव को लेकर कई सवाल हैं, वहीं दूसरी तरफ वह अब भी टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की पहली पसंद हैं. गौतम गंभीर का मौजूदा कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक है, लेकिन ऐसी उम्मीद है कि उनका अनुबंध 2028 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ाया जा सकता है. हालांकि असली फैसला अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति को करना है. चयन समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती सूर्यकुमार की उम्र होगी. साल 2028 के ओलंपिक खेलों के समय सूर्यकुमार की उम्र करीब 38 साल हो जाएगी.
2025 और 2026 के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव
साल 2025 में सूर्यकुमार का प्रदर्शन बेहद खराब था. तब उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे था और वह एक भी फिफ्टी नहीं लगा सके थे. साल 2026 में उन्होंने बेहतरीन वापसी की और 160 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए चार फिफ्टी लगाई. लेकिन वर्ल्ड कप के दौरान पहले मैच को छोड़कर वह अपना जलवा नहीं दिखा पाए. टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए उन्हें अपनी बैटिंग में सुधार करना होगा.
युवा खिलाड़ियों से मिल रही है चुनौती
आयरलैंड दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट में वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है. चयनकर्ताओं को लगता है कि वैभव पूरी तरह से तैयार हैं. हालांकि ओपनिंग के लिए टीम में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे विकल्प पहले से मौजूद हैं. इन तीनों ने ही टी20 वर्ल्ड कप में फिफ्टी लगाई थी. इसके अलावा यशस्वी जायसवाल भी टीम का हिस्सा हैं. सूत्र के मुताबिक वैभव को ब्रिटेन, जिम्बाब्वे, एशियन गेम्स या वेस्टइंडीज सीरीज में डेब्यू का मौका मिल सकता है.
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