भारत का वो इकलौता क्रिकेटर, जिसके नाम पर पांच महाद्वीपों में हैं सड़क और स्टेडियम

दुनिया भर में खिलाड़ियों को सम्मान मिलता है. लेकिन भारत का एक ऐसा भी क्रिकेटर है, जिसके नाम पर एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया अमेरिका और यूरोप में क्रिकेट स्टेडियम और सड़कों के नाम रखे गए हैं.

Indian Cricketer: किसी खिलाड़ी की उपलब्धियां तब महान हो जाती हैं, जब उसके खेल से इतर उसे सम्मान मिलने लगे. सुनील गावस्कर भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं. भारत के पहले विश्वकप विजेता टीम के सदस्य के रूप में उनकी तमाम उपलब्धियां रही हैं. गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों को उस समय झेला था, जब आज की तरह हेलमेट उपलब्ध नहीं थे. कर्टनी वाल्श, मैल्कम मार्शल और डेनिस लिली जैसे धाकड़ गेंदबाजों के सामने छोटे कद के गावस्कर ने डटकर मुकाबला किया. उनके असाधारण योगदान को दुनिया भर में मान्यता मिली है. उनकी विरासत सिर्फ क्रिकेट के मैदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि विभिन्न देशों में उनके सम्मान में सड़कें और क्रिकेट मैदान स्थापित किए गए हैं.

कासरगोड, केरल: सुनील गावस्कर म्यूनिसिपल स्टेडियम रोड

हाल ही में केरल के कासरगोड जिले में सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) के सम्मान में एक सड़क का नाम रखा गया. 21 फरवरी 2025 को, कासरगोड नगरपालिका ने विद्यानगर म्यूनिसिपल स्टेडियम रोड का नाम बदलकर ‘सुनील गावस्कर म्यूनिसिपल स्टेडियम रोड’ रखा. इस अवसर पर खुद गावस्कर उपस्थित थे और उन्होंने इस सम्मान के लिए अपना आभार व्यक्त किया. पहले, कासरगोड नगरपालिका ने बीच रोड का नाम उनके नाम पर रखने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे खेल स्थल से जोड़ने के लिए स्टेडियम रोड का नाम बदलने का फैसला किया गया.

लीसेस्टर, इंग्लैंड: सुनील गावस्कर क्रिकेट ग्राउंड

सुनील गावस्कर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई सम्मान मिले हैं. इंग्लैंड के लीसेस्टर में जुलाई 2022 में एक क्रिकेट मैदान का नाम ‘सुनील गावस्कर क्रिकेट ग्राउंड’ रखा गया. यह पहली बार था जब इंग्लैंड में किसी भारतीय क्रिकेटर के नाम पर किसी मैदान का नामकरण किया गया था. यह सम्मान गावस्कर को भारतीय क्रिकेट का ग्लोबल एंबेसडर मानते हुए दिया गया था.

लुईविल, अमेरिका: सुनील गावस्कर क्रिकेट ग्राउंड

अमेरिका के केंटकी राज्य के लुईविल शहर में 15 अक्टूबर 2017 को ‘सुनील गावस्कर फील्ड’ नामक क्रिकेट मैदान का उद्घाटन किया गया. यह लुईविल क्रिकेट क्लब का आधिकारिक होम ग्राउंड है, जो मिडवेस्ट क्रिकेट लीग का हिस्सा है. इस समारोह में लुईविल के मेयर ग्रेग फिशर ने गावस्कर को मैदान की चाबियां सौंपीं. यह पहली बार था जब अमेरिका में किसी भारतीय क्रिकेटर के नाम पर कोई क्रिकेट मैदान स्थापित किया गया.

वेलिंगटन, न्यूजीलैंड: सुनील गावस्कर स्ट्रीट

न्यूजीलैंड के वेलिंगटन शहर में भी एक सड़क का नाम ‘सुनील गावस्कर स्ट्रीट’ रखा गया है. यह सड़क कपिल देव के नाम पर रखी गई ‘कपिल ग्रोव’ के करीब स्थित है. वेलिंगटन के खंडाला क्षेत्र में कई भारतीय नामों वाली सड़कें मौजूद हैं, और गावस्कर को इस सूची में शामिल कर उन्हें एक खास सम्मान दिया गया. हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां कोई भारतीय रहता हो, लेकिन खंडाला और गावस्कर दोनों ही भारतीय हैं, जिनके नाम पर इसका नाम रखा गया है. यह क्षेत्र कभी ब्रिटिश शा���न के दौरान भारतीय सैनिकों से जुड़ा था और यहां कई सड़कें भारतीय शहरों और व्यक्तित्वों के नाम पर रखी गई हैं.

Sunil gavaskar awarded after completing 50 years in test cricket for india. Image: bcci/x

खंडाला, न्यूजीलैंड: भारत से जुड़े सड़क नाम

खंडाला न्यूजीलैंड में एक पहाड़ी के पास स्थित है, जिसे पहले माउंट मिसरी कहा जाता था. यहां की सभी सड़कों के नाम भारत से प्रेरित हैं, जैसे अंडमान, शिमला क्रिसेंट, सतारा, रामफल, दिल्ली, मद्रास, पूना, अमृतसर, बनारस, गया, वसंता, अमरपुर, बड़ौदा, आगरा, लखनऊ टेरेस, मैसूर और बॉम्बे. ये सभी एक सघन क्षेत्र में स्थित हैं. ऑकलैंड के बॉम्बे और कोरामंडल जैसे ब्रिटिश शासकों द्वारा रखे गए नामों के विपरीत, खंडाला के नाम भारतीय सैनिकों ने दिए हो सकते हैं, जिन्होंने ब्रिटिश सेना में सेवा की थी.

जंजीबार, तंजानिया: सुनील गावस्कर क्रिकेट स्टेडियम

अफ्रीकी देश तंजानिया के जंजीबार में भी सुनील गावस्कर के नाम पर एक क्रिकेट ग्राउंड स्थापित किया गया है. 2022 में जंजीबार में सुनील गावस्कर के नाम पर तंजानिया की सरकार ने खुद पहले करते हुए स्टेडियम का नामकरण किया था. क्रिकेट का यह खेल जंजीबार में कोई नया नहीं है. ब्रिटिश नौसेना के आगमन के समय 19वीं सदी में यहां पहला क्रिकेट मैच खेला गया था. इस ऐतिहासिक खेल को पुनर्जीवित करने के लिए, सुनील गावस्कर और उनका भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस परियोजना के लिए सद्भावना दूत के रूप में काम कर रहे हैं.

सुनील गावस्कर: भारतीय क्रिकेट के वैश्विक राजदूत

यह इस बात का प्रमाण है कि गावस्कर का प्रभाव न केवल पारंपरिक क्रिकेट खेलने वाले देशों तक सीमित है, बल्कि अफ्रीका जैसे उभरते हुए क्रिकेट राष्ट्रों में भी उनकी विरासत को सराहा गया है. सुनील गावस्कर भारतीय क्रिकेट के पहले बल्लेबाज थे जिन्होंने 10,000 टेस्ट रन बनाए और 30 टेस्ट शतक लगाए. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी, उन्होंने खेल की सेवा जारी रखी और एक सम्मानित कमेंटेटर के रूप में अपने अनुभव साझा किए. उनके नाम पर दुनिया भर में स्थापित सड़कें और क्रिकेट मैदान इस बात का प्रतीक हैं कि उनका प्रभाव सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्तर पर भारतीय क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करता है. सुनील गावस्कर सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पहले वैश्विक राजदूत हैं.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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