बुमराह को खो देगा भारत, अगर नहीं सुधरा तो, शेन बॉन्ड की सख्त चेतावनी

Jasprit Bumrah: भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है, उनकी रिकवरी जारी है. उम्मीद है कि वे आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए वापसी करेंगे, लेकिन कोई निश्चित तारीख तय नहीं है. उनकी अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती, लेकिन आगामी इंग्लैंड सीरीज में चुनौती कठिन होगी. हालांकि उनकी वापसी को लेकर शेन बॉन्ड ने भारत को सख्त हिदायत दी है.

Jasprit Bumrah: भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है. उन्होंने जनवरी में आखिरी बार गेंदबाजी की थी और फिलहाल उनकी रिकवरी जारी है. उनकी चोट के कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दो सीरीज और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी से भी बाहर होना पड़ा. उम्मीद की जा रही है कि वे आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए वापसी करेंगे, लेकिन उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख तय नहीं है. अत्यधिक भार और उनके जोखिम भरे गेंदबाजी एक्शन के चलते बुमराह को बार-बार चोटिल होने की समस्या से जूझना पड़ा है. उनकी अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता, लेकिन आगामी सीरीज में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ यह सफर इतना आसान नहीं होगा.

भारत को बुमराह पर अधिक निर्भर नहीं होना चाहिए

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और मुंबई इंडियंस के पूर्व गेंदबाजी कोच शेन बॉन्ड (Shane Bond) का मानना है कि बुमराह को भारत की वन-मैन आर्मी नहीं बनाया जाना चाहिए. 2023 में इसी पीठ चोट ने बुमराह को लगभग एक साल तक मैदान से दूर रखा था. हालांकि, उन्होंने वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बार-बार चोटिल होने की आशंका बनी रहती है. बॉन्ड के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बुमराह को बहुत अधिक बॉलिंग करनी पड़ी. उन्होंने बिना ब्रेक के पांच टेस्ट खेले और 151.2 ओवर गेंदबाजी की, जिसका असर उनकी फिटनेस पर पड़ा. 

बॉन्ड ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, “2023 में सर्जरी के बाद उन्होंने पूरी टेस्ट सीरीज खेली और अविश्वसनीय प्रदर्शन किया, लेकिन एक महीने में उन्होंने जरूरत से ज्यादा गेंदबाजी की. यह टूटा नहीं है, उन्हें फ्रैक्चर नहीं हुआ है, वह फ्रैक्चर की सीमा पर हैं. लेकिन भारत ने अगर इंग्लैंड सीरीज में यही किया, तो उन्हें शायद वही परिणाम मिलने वाला है. इसलिए आप ऐसा नहीं कर सकते. आपको गेंदबाजों की एक टीम की जरूरत है, जहां आप चुन सकें.”

शेन बॉन्ड ने कहा कि वह फ्रैक्चर की सीमा तक पहुंच गए थे. अगर इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में फिर से वही दोहराया गया, तो नतीजा भी वैसा ही होगा और एक और चोट भारत को इस स्टार से हाथ धोना पड़ा जाएगा. भारत को एक संतुलित गेंदबाजी आक्रमण तैयार करने की जरूरत है ताकि बुमराह पर ज्यादा भार न पड़े. क्योंकि अगर आप उसे खो देते हैं, तो आपके पास टी 20 विश्व कप हैं, आपके पास 50 ओवरों का विश्व कप है और वह सभी प्रारूपों, आईपीएल, सभी तरह की चीजों में एक महत्वपूर्ण सदस्य है.

भारत को बुमराह की चोट से सीख लेनी होगी

बॉन्ड ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कमजोर तेज गेंदबाजी आक्रमण के साथ गया था. मोहम्मद शमी पूरी तरह से फिट नहीं थे, प्रसिद्ध कृष्णा लंबी चोट के बाद लौटे थे, आकाश दीप के पास सीमित अनुभव था और मोहम्मद सिराज अपनी लय में नहीं थे. ऐसे में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान बुमराह पर अधिक दबाव डाला गया और उन्हें MCG टेस्ट में 53.2 ओवर तक गेंदबाजी करनी पड़ी, जो उनके करियर में किसी भी टेस्ट में सबसे ज्यादा थे. 

बॉन्ड ने उस इंटरव्यू में कहा था, “मुझे लगता है कि सबक यह है कि आप उनसे टेस्ट मैच में फिर से इतने ओवर नहीं करवा सकते. 45 ओवर अधिकतम हो सकते हैं, और हम यह जोखिम नहीं उठा सकते क्योंकि वह बहुत मूल्यवान हैं. मुझे यकीन है कि उन्होंने गेंदबाजी भार के बारे में सभी बातों पर विचार किया होगा और उन्होंने इस बात पर विचार किया होगा कि उन्हें यह चोट क्यों लगी.

बॉन्ड ने आगे कहा कि वह एक पेशेवर हैं, वह सब कुछ सही करते हैं. आप बस यही करने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे रोका जाए… आप चोट से बचने नहीं जा रहे हैं, आप बस बहुत बुरी चोटों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वह ऐसी किसी और चोट से बच सकते हैं,” 

इंटरव्यू के दौरान जब बॉन्ड से यह पूछा गया कि इस साल के अंत में भारत इंग्लैंड में डेढ़ महीने के भीतर पांच टेस्ट मैच खेलेगा. ऐसे में, यह फैसला गेंदबाज पर छोड़ना सही होगा या नहीं, इस पर आपकी क्या राय है?

बॉन्ड ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं हमेशा यही कहूंगा कि नहीं, यह सिर्फ गेंदबाज का फैसला नहीं होना चाहिए. मेरे अनुभव के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी हमेशा यही कहेगा कि वह खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही वह वास्तव में न हो. यही सबसे बड़ा जोखिम होता है. अगर आप किसी भी खिलाड़ी को विकल्प देंगे, तो वह कहेगा, हां मैं खेलने के लिए तैयार हूं.”

मैंने कई बार देखा है कि खिलाड़ी खेलना चाहते हैं, भले ही वे चोटिल हों. वे यह दावा करेंगे कि वे फिट हैं, लेकिन वास्तव में वे अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पाते. यही कोच की भूमिका होती है, उन्हें यह तय करना होता है कि किसी खिलाड़ी के लिए सही योजना क्या होनी चाहिए. जब टीम जीत रही होती है, तो इस तरह की योजना बनाना आसान होता है, लेकिन जब टीम हार रही होती है, तब यह सवाल उठता है कि क्या हम अपनी योजना को बदलने का जोखिम उठाने जा रहे हैं?

भारतीय टीम (Indian Cricket Team) फिलहाल आईपीएल में व्यस्त है. 22 मार्च से शुरू हुआ यह क्रिकेट महाकुंभ 25 मई को समाप्त होगा. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 2025-27 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत करेगी. पांच मैचों की यह सीरीज 20 मई से शुरू होगी, जिसका पहला मैच हेडिंग्ले लीड्स में खेला जाएगा. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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