वर्ल्ड कप 2023 में रुतुराज गायकवाड़ या यशस्वी जायसवाल को मिल सकता है मौका, गिल के खेलने पर संशय

डेंगू से जूझ रहे भारत के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल के प्लेटलेट एक लाख से नीचे गिरने के कारण उन्हें चेन्नई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिन्हें छुट्टी मिल गई है. उनका पाकिस्तान के खिलाफ 14 अक्टूबर को अहमदाबाद में खेलना संदिग्ध है.

वर्ल्ड कप 2023 (ICC Cricket World Cup 2023 ) के बीच भारतीय टीम के लिए अच्छी और बुरी दोनों खबर है. अच्छी खबर ये है कि रुतुराज गायकवाड़ या यशस्वी जायसवाल को वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल सकता है. जबकि बुरी खबर ये है कि डेंगू से पीड़ित शुभमन गिल वर्ल्ड कप से बाहर हो सकते हैं. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है.

यशस्वी जयसवाल या रुतुराज गायकवाड़ कवर के रूप में शामिल हो सकते हैं

डेंगू से पीड़ित शुभमन गिल के वर्ल्ड कप 2023 में खेल पाने पर संशय को देखते हुए यशस्वी जायसवाल और रुतुराज गायकवाड़ को कवर के तौर पर टीम में शामिल किया जा सकता है. पहला विकल्प रुतुराज गायकवाड़ होंगे जिन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शृंखला में बतौर सलामी बल्लेबाज चुना गया था और उन्होंने मोहाली में अर्धशतक बनाया था.

एशियाई खेलों में भारत को गोल्ड दिला चुके हैं रुतुराज गायकवाड़

एशियाई खेलों के पुरुष टी20 में रुतुराज की अगुआई में भारतीय टीम ने हाल ही में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. जिसके बाद उनकी कप्तानी की भी जमकर प्रशंसा की जा रही है.

Also Read: World Cup 2023: दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास, बना डाला वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर

डेंगू से पीड़ित शुभमन को अस्पताल से मिली छुट्टी

डेंगू से जूझ रहे भारत के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल के प्लेटलेट एक लाख से नीचे गिरने के कारण उन्हें चेन्नई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिन्हें छुट्टी मिल गई है. उनका पाकिस्तान के खिलाफ 14 अक्टूबर को अहमदाबाद में खेलना संदिग्ध है. गिल को रविवार की रात को प्लेटलेट गिरने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठ अक्टूबर को पहला मैच नहीं खेल सके थे और अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का दूसरा मैच भी नहीं खेल सकेंगे. पिछले सप्ताह चेन्नई आने के बाद गिल को डेंगू संक्रमित पाया गया था.

गिल का प्लेटलेट गिरकर 70000 हो गए

बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा , शुभमन को चेन्नई में टीम होटल में ड्रिप चढ़ाई जा रही थी, लेकिन उनके प्लेटलेट गिरकर 70000 हो गए. उसके बाद रविवार की रात को सारे टेस्ट कराये गए और सोमवार की शाम को उसे छुट्टी मिल गई. मालूम हो डेंगू शरीर को कमजोर कर देता है और उससे उबरने में समय लगता है. एक आम आदमी के लिये प्लेटलेट डेढ़ से साढ़े चार लाख के बीच में होने चाहिये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >