‘टेस्ट संन्यास पर पिता निराश थे’, रोहित शर्मा ने बताया; उनकी क्रिकेट बारीकियों समझ और संघर्षों ने यहां तक पहुंचाया

Rohit Sharma's Father Reaction on his Test Retirement: भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 7 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, जिससे उनके 11 साल लंबे रेड-बॉल करियर का अंत हुआ. उन्होंने पिता गुरुनाथ शर्मा के त्याग और समर्थन को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके मूल्यों ने उनके क्रिकेट सफर को दिशा दी. रोहित ने यह भी साझा किया कि उनके पिता टेस्ट क्रिकेट को सबसे ज्यादा पसंद करते थे और उनके संन्यास से थोड़ा निराश भी थे.

Rohit Sharma’s Father Reaction on his Test Retirement: भारत के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा ने 7 मई को अपने टेस्ट करियर पर विराम लगा दिया. 2013 में क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप में पदार्पण के बाद से लगातार 11 साल तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे. न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार निराश करती पारियों के बाद भारत के इंग्लैंड दौरे से पहले उन्होंने संन्यास की घोषणा की. हालांकि, आईपीएल में उनका जलवा बरकरार रहा. बल्लेबाजी के कौशल पर हाल ही में उन्होंने अपने पिता की बातें साझा कीं. रोहित शर्मा ने अपने पिता गुरुनाथ शर्मा को याद किया, जिसमें उन्होंने क्रिकेटर बनने की अपनी यात्रा में पिता के गहरे प्रभाव को उजागर किया. अपने बचपन और पिता के चुपचाप किए गए बलिदानों को याद करते हुए रोहित ने बताया कि कैसे उनके मूल्यों और समर्थन ने उनके करियर को आकार दिया.

रोहित के पिता एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि परिवार को कभी किसी चीज की कमी न हो. चेतेश्वर पुजारा की पत्नी पूजा पुजारा द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘द डायरी ऑफ ए क्रिकेटर्स वाइफ’ के विमोचन कार्यक्रम में  रोहित ने कहा, “मेरे पिता ने हमारे अच्छे जीवन के लिए बहुत कुछ त्याग किया.” उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता शुरू से ही टेस्ट क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं. रोहित ने मुस्कराते हुए कहा, “उन्हें यह नया जमाने का क्रिकेट पसंद नहीं है.”

बड़ी नहीं छोटी पारियों पर करते थे चर्चा

टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनके पिता का प्रेम रोहित पर भी साफ झलकता है. यहां तक कि जब रोहित ने कोलकाता में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में रिकॉर्डतोड़ 264 रन बनाए थे, तब भी उनके पिता की प्रतिक्रिया बेहद शांत थी. रोहित ने कहा, “मुझे आज भी वह दिन याद है. उन्होंने बस इतना कहा, ‘ठीक है, अच्छा खेला, बधाई हो.’ वो खास उत्साह नहीं था, जबकि वह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था.”

इसके उलट, जब रोहित टेस्ट क्रिकेट में 30, 40 या 50 रन भी बनाते थे, तब उनके पिता उसमें दिलचस्पी लेकर विस्तार से बात करते थे. रोहित ने बताया, “टेस्ट क्रिकेट के लिए उनका प्रेम ऐसा था कि वो छोटी-छोटी पारियों पर भी मुझसे विस्तार से चर्चा करते थे.” इसी वजह से, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का उनका हालिया फैसला उनके लिए भावनात्मक था.

रोहित ने कहा, “उन्होंने मुझे रेड बॉल क्रिकेट में बहुत खेलते देखा है. इसलिए वह इस फॉर्मेट को बहुत पसंद करते हैं और जब मैंने संन्यास की घोषणा की, तो वह थोड़ा निराश थे, लेकिन साथ ही खुश भी,” उन्होंने स्वीकार किया कि उनके जीवन और करियर में पिता की भूमिका बेहद अहम रही है. उन्होंने कहा, “आज मैं जहां हूं, उसमें मेरे पिता की बहुत बड़ी भूमिका है.” 

गौरतलब है कि 7 मई को रोहित शर्मा ने इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. 11 वर्षों के अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 67 मैच खेले और 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं. उनके संन्यास के बाद भारतीय टेस्ट टीम में नेतृत्व की बड़ी खाली जगह बन गई है. रोहित के स्थान पर भारत के इंग्लैंड दौरे के लिए शुभमन गिल को कमान सौंपी गई है, अब देखना होगा कि गिल टीम इंडिया की लीगेसी को कहां तक ले जाएंगे.

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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