IND vs ENG Test: इंग्लैंड को गुरुवार को तीसरे टेस्ट में स्पिनरों के मुफीद पिच पर भारत ने 10 विकेट इंग्लैंड की टीम को हरा दिया. इस हार के बाद इंग्लैंड की टीम का वर्ल्ड टेस्ट चैंपिनशिप के फाइनल मे खेलने का सपना भी अधूरा रह गया, वह इस दौड़ से बाहर हो गया है. वहीं भारत इस जीत के बाद से चार मैचों की सीरीज में 1-2 से आगे होगा है. इस मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले आश्विन ने अपने क्रिकेट करियर के बारे में कई राज खोले हैं.
अकस्मात ही क्रिकेटर बना – अश्विन
विराट कोहली ने उन्हें वर्तमान समय का ‘लीजेंड’ करार दिया, लेकिन भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने कहा कि वह वास्तव में अकस्मात ही क्रिकेटर बने. अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ यहां तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में 400वां टेस्ट विकेट हासिल किया. उन्होंने मैच में सात विकेट लिये और अब उनके विकेटों की संख्या 401 पर पहुंच गयी है.
अश्विन ने बीसीसीआइ.टीवी से कहा : मैं अकस्मात ही क्रिकेटर बना. मैं असल में क्रिकेट को चाहने वालों में शामिल था, जो क्रिकेटर बन गया. मैं यहां अपना सपना जी रहा हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं भारत की तरफ से खेलूंगा. उन्होंने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन से उन्हें अहसास हुआ कि वह कितने भाग्यशाली हैं, जो उन्हें भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला.
अश्विन ने कहा : मैच समाप्त होने के बाद और अगर मैंने जीत में योगदान दिया, तो मैं सोचता था कि मुझ पर ईश्वर की कृपा है,लेकिन कोविड के समय में मुझे अहसास हुआ कि मैं कितना भाग्यशाली हूं, जो मुझे भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला. उन्होंने कहा : यहां तक कि जब मैं आइपीएल से वापस आया, तो मैंने नहीं सोचा था कि मैं ऑस्ट्रेलिया में खेलूंगा और इसलिए मैंकहता हूं, सब कुछ उपहार है. जिस खेल को मैंने चाहा, उसने मुझे वापस बहुत कुछ दिया. अश्विन ने कहा कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरानव्यक्तिगत प्रदर्शन के कई वीडियो देखे, जिससे उनकी खेल के प्रति अपनी समझ बेहतर हुई.
अश्विन ने कहा कि मैं पहले भी काफी फुटेज देखा करता था, लेकिन इस बार मेरी खेल के प्रति समझ बेहतर हुई. लॉकडाउन के दौरान मैंने पूर्व के कई मैच देखे, विशेषकर सचिन की चेपक में खेली गयी पारी और अन्य मैच. अश्विन ने जोफ्रा आर्चर के रूप में 400वां विकेट लिया और बल्लेबाज ने जब डीआरएस लिया, तभी उन्हें अहसास हुआ कि वह इस मुकाम पर पहुंच गये हैं.
