बंगाल के लिए डेब्यू करते ही इस खिलाड़ी ने बनाया कीर्तिमान, टूट गया सौरव गांगुली का 35 साल पुराना रिकॉर्ड

Ranji Trophy: 15 वर्षीय अंकित चटर्जी ने कल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में हरियाणा के खिलाफ बंगाल के ग्रुप सी मुकाबले में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करते हुए इतिहास रच दिया. अपने पदार्पण के साथ ही बाएं हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ने पूर्व भारतीय दिग्गज सौरव गांगुली के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

Ranji Trophy: 15 वर्षीय अंकित चटर्जी ने कल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में हरियाणा के खिलाफ बंगाल के ग्रुप सी मुकाबले में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करते हुए इतिहास रच दिया. अपने पदार्पण के साथ ही बाएं हाथ के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ने पूर्व भारतीय दिग्गज सौरव गांगुली के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़ दिया. अंकित चटर्जी ने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी के अपने पदार्पण मैच में हरियाणा के अनुभवी तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज के खिलाफ शानदार कवर ड्राइव लगाकर अपना खाता खोला तो इससे पूर्व दिग्गज सौरव गांगुली की यादें ताजा हो गईं क्योंकि यह किशोर बाएं हाथ का बल्लेबाज भारत के पूर्व कप्तान को पछाड़कर इस राज्य के लिए रणजी खेलने वाला सबसे युवा खिलाड़ी बन गया.

अंकित ने 15 साल और 361 दिन की उम्र में रणजी पदार्पण किया जबकि गांगुली ने 17 साल की उम्र में बंगाल के लिए अपना पहला मैच 1989-90 में खेला था. यह मैच रणजी ट्रॉफी का फाइनल था जिसमें बंगाल ने दिल्ली को शिकस्त दी थी.

संघर्ष भरी रही है अंकित की कहानी

बनगांव हाई स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र अंकित की इस पल तक की यात्रा बलिदान और अथक समर्पण से भरी रही है. वह कोलकाता मैदान पहुंचने के लिए वह पिछले तीन साल से लगभग हर रोज सुबह साढ़े तीन बजे उठ रहे हैं और 4:25 बजे की बोंगांव-सियालदह लोकल ट्रेन से दो घंटे की यात्रा के बाद आधे घंटे पैदल चलकर कोलकाता मैदान पहुंचते थे. उनकी दिनचर्या रात के नौ या 10 बजे खत्म होती है.

अंकित को मैच से दो दिन पहले अपने पदार्पण के बारे में पता चला जब स्थापित सलामी बल्लेबाज और भारत ए क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन हेयरलाइन फ्रैक्चर के कारण मुकाबले से बाहर हो गए. अंकित ने हालांकि घबराने की जगह इस मौके को धैर्य के साथ स्वीकार किया जो उनके बचपन के कोच डोलोन गोल्डर के अनुसार उनका ‘ट्रेडमार्क’ गुण रहा है. अंकित को कप्तान ऋद्धिमान साहा ने कैप पहनाकर टीम में स्वागत किया. 

डेब्यू मैच के बाद क्या बोले अंकित

अंकित ने कल्याणी में मैच के बाद अपने ‘सिग्नेचर शॉट’ (कवर ड्राइव) के बारे में कहा, ‘‘यह मेरे लिए बिल्कुल सामान्य था और कल रात मुझे अच्छी नींद भी आई. मैं आक्रामक होने के बारे में नहीं सोच रहा था लेकिन गेंद उस शॉट के लायक थी, इसलिए मैंने ऐसा किया.’’ दिन का खेल खत्म होते समय बंगाल का स्कोर 10 रन पर एक विकेट था और अंकित पांच रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. इससे पहले सूरज सिंधु जैसवाल (6 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत बंगाल ने हरियाणा को 44.5 ओवर में 157 रन पर ढेर कर दिया. मुकेश कुमार और मोहम्मद कैफ ने 2-2 विकेट लिए. हरियाणा के लिए अंकित कुमार के अर्धशतक के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सका.

कौन है सबसे कम उम्र का रणजी डेब्यूटांट

वैभव सूर्यवंशी अब तक भारत की प्रीमियर रेड-बॉल प्रतियोगिता में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए, उन्होंने उन रिकॉर्ड्स को तोड़ दिया जो पहले भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह के नाम थे. सूर्यवंशी की उम्र सिर्फ 12 साल और 284 दिन थी जब उन्होंने जनवरी 2024 में मुंबई के खिलाफ बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था. वैभव अंडर-19 स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी हैं. युवा टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के नाम है. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे कम उम्र के ड्राफ्ट बनकर भी इतिहास रच दिया. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को राजस्थान रॉयल्स ने जेद्दा में आयोजित कैश-रिच लीग के लिए मेगा नीलामी में 1.10 करोड़ रुपये की कीमत पर साइन किया है. 

वीरेंद्र सहवाग ने पत्नी आरती को इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो, तलाक की अफवाह तेज

Ranji Trophy: शानदार प्रदर्शन के बाद गरजे शार्दूल ठाकुर, टीम में शामिल न करने पर सेलेक्टर्स को दिखाया आईना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >