‘मेरा नाम लिया तो केस कर दूंगा’, युवराज सिंह एंड कंपनी के ‘तमाचे’ से तिलमिलाया पाकिस्तान

‘Pakistan’ Name Banned from Private Cricket Leagues: भारत-पाकिस्तान विवाद और आतंकी घटनाओं के चलते पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों में मुश्किलें बढ़ रही हैं. वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत के पाकिस्तान से खेलने से इनकार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया. अब किसी भी निजी क्रिकेट लीग में Pakistan नाम के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है.

‘Pakistan’ Name Banned from Private Cricket Leagues: पाकिस्तान और उसके क्रिकेट को झटके पर झटके लग रहे हैं. भारत के साथ विवादों की वजह से उसके लिए अपने देश में आईसीसी का कोई आयोजन करवाना मुश्किल है. हालांकि इसमें उसके देश में आतंक ही ज्यादा ही जिम्मेदार है, लेकिन भारत के बॉयकॉट से उसे और भी दिक्कतें आती हैं. चैंपियंस ट्रॉफी को हाइब्रिड मॉडल में आयोजित करवाना इसका सबसे ताजा उदाहरण है. लेकिन पाकिस्तान है कि बाज नहीं आता. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद से उसकी स्थिति और भी खराब होना शुरू हुई है. हाल ही में युवराज सिंह की अगुवाई वाली इंडिया चैंपियंस ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में पाकिस्तान के साथ मैच खेलने से इनकार दिया. भले ही पाकिस्तान को फाइनल खेलने का मौका मिल गया, लेकिन भारत का निर्णय तटस्थ रहा. इस ‘तमाचे’ से तिलमिलाए पाकिस्तान ने WCL में हुए विवाद के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक अहम नीति बदलाव किया है, जिसके तहत अब किसी भी निजी तौर पर संचालित क्रिकेट लीग में देश के नाम का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी गई है. 

न्यूज18 की खबर के अनुसार टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट ने बताया कि, यह निर्णय पीसीबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया. बोर्ड को चिंता थी कि बार-बार होने वाले बहिष्कार से पाकिस्तान की साख को नुकसान पहुंच रहा है. बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने माना कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाना जरूरी है.

एक सूत्र ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट को बताया, “गुरुवार को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया. वरिष्ठ अधिकारियों का मानना था कि WCL के दूसरे संस्करण में भारतीय खिलाड़ियों का दो बार पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार करना देश के नाम के लिए नुकसानदेह है.”

अब से निजी संस्थानों को अपनी टीमों में पाकिस्तान नाम का इस्तेमाल करने के लिए पीसीबी से आधिकारिक अनुमति लेनी होगी. हालांकि, मौजूदा पाकिस्तान लीजेंड्स टीम को शनिवार को होने वाले WCL फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने की मंजूरी दी गई है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका, केन्या और जिम्बाब्वे जैसे देशों में कई छोटे और कम-ज्ञात लीग्स ने पाकिस्तान के नाम का बिना अनुमति इस्तेमाल किया है, जिसके चलते PCB ने सख्त कदम उठाया है. पीसीबी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, “अगर कोई निजी संगठन पाकिस्तान के नाम का इस्तेमाल करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. पीसीबी के पास ही यह अधिकार है कि वह किसी लीग या संगठन की साख और प्रामाणिकता देखकर उसके लिए नाम इस्तेमाल करने की अनुमति दे.”

इसके अलावा, बोर्ड को इंटर-प्रोविंशियल कोऑर्डिनेशन कमेटी (आईपीसी) और पाकिस्तान सरकार की ओर से एक परामर्श मिला है, जिसमें अनौपचारिक क्रिकेट आयोजनों में देश के नाम के इस्तेमाल की निगरानी के लिए एक नियामक ढांचा लागू करने की सिफारिश की गई है. PCB का यह कदम राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने और अनियमित प्लेटफॉर्म्स पर देश की पहचान के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें:-

‘दुर्भाग्य से जो वह करते हैं…’ क्या बुमराह को वॉइट बॉल क्रिकेट छोड़ देनी चाहिए? ग्लेन मैक्ग्रा ने दी ये सलाह

प्रसिद्ध कृष्णा ने तोड़ी चुप्पी, खुद बताई जो रूट के साथ ऑन-फील्ड बहस की वजह

जो रूट ने रचा इतिहास, IND vs ENG मैच में ब्रैडमैन के बाद यह कारनामा करने वाले दूसरे खिलाड़ी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >