Pakistan vs South Africa :पाकिस्तान की टीम 50 ओवर से पहले पस्त,दक्षिण अफ्रीका को दिया जीत के लिए 271 का लक्ष्य

दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी बार 1999 में पाकिस्तान को हराया था, तब से अबतक छह मुकाबले में उन्हें हार मिली है. लेकिन इस विश्वकप में पाकिस्तान जिस तरह का प्रदर्शन कर रहा है उसे देखते हुए यह आंकड़े कितने सच होंगे अभी बता पाना मुश्किल है.

Pakistan vs South Africa : पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 271 रन का टारगेट दिया है. पाकिस्तान की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और उसके दो खिलाड़ी जल्दी आउट हो गए थे. उसके बाद बाबर आजम ने अर्धशतक बनाया और टीम को थोड़ा संभाला. बाबर आजम के अलावा सऊद शकील ने अर्धशतक बनाया और टीम के खाते में 52 रन जोड़े. शादाब खान ने 43 रन बनाये. लेकिन पूरी पाकिस्तानी टीम 46.4 ओवर में 270 रन बनाकर आउट हो गई. दक्षिण अफ्रीका के लिए पाकिस्तान द्वारा दिया गया टारगेट बहुत बड़ा नहीं है, क्योंकि उनकी टीम अभी बेहतरीन फाॅर्म में चल रही है.

क्या बाबर आजम की कप्तानी जाएगी

लगातार तीन हार से परेशान पाकिस्तान की टीम आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मैच खेल रही है. पाकिस्तान ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. यह मैच पाकिस्तान के लिए बहुत ही खास है क्योंकि अगर वे आज का मुकाबला हार जाते हैं तो एक तरह से उनके लिए सेमीफाइनल के रास्ते बंद हो जाएंगे और यह भी संभव है कि बाबर आजम की कप्तानी उनसे छिन जाए, जिसके स्पष्ट संकेत पीसीबी ने दे दिये हैं.

बाबर आजम ने जीता टाॅस

बाबर आजम ने टाॅस जीतने के बाद कहा कि हम पहले बल्लेबाजी करेंगे. हमारे लिए अब हर मैच महत्वपूर्ण है और हम उस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. हमें सभी विभागों में सुधार करने की जरूरत है, विशेषकर फील्डिंग में हमें काफी मेहनत करनी होगी. तेम्बा बावुमा ने कहा कि हमने कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है जिससे हमें प्रेरणा मिली है. हमने अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों की मदद से कुछ गति पकड़ी है. हमें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहने की जरूरत है.

पिछले छह मैच में जीता है पाकिस्तान

गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी बार 1999 में पाकिस्तान को हराया था, तब से अबतक छह मुकाबले में उन्हें हार मिली है. लेकिन इस विश्वकप में पाकिस्तान जिस तरह का प्रदर्शन कर रहा है उसे देखते हुए यह आंकड़े कितने सच होंगे अभी बता पाना मुश्किल है.

प्लेइंग इलेवन

दक्षिण अफ्रीका (प्लेइंग इलेवन): क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), रासी वान डेर डुसेन, एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को जानसन, गेराल्ड कोएत्ज़ी, केशव महाराज, तबरेज़ शम्सी, लुंगी एनगिडी

पाकिस्तान (प्लेइंग इलेवन): अब्दुल्ला शफीक, इमाम-उल-हक, बाबर आजम (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, शादाब खान, इफ्तिखार अहमद, मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, मोहम्मद वसीम जूनियर, हारिस रऊफ

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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