Pakistan vs Australia U-19 : पाकिस्तान की टीम कंगारुओं के सामने पस्त, 180 रन का दिया लक्ष्य

पाकिस्तान की टीम कंगारुओं की गेंदबाजी के आगे पस्त हो गई और 50 ओवर तक खेल भी नहीं पाई. पाकिस्तान की ओर से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन अराफात मिन्हास और अजान ओवैस का रहा, जिन्होंने 52-52 रन बनाए.

Pakistan vs Australia U-19 semi final : अंडर 19 विश्वकप का सेमीफाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम ने 48.5 ओवर में 179 रन बनाएं और ऑस्ट्रेलिया की टीम को जीत के लिए 180 रन का टारगेट दिया. यह मैच दक्षिण अफ्रीका के बेनोनी ग्राउंड में खेला जा रहा है. सेमीफाइनल मुकाबले में कंगारुओं ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया.

पाकिस्तान की टीम ने बनाए 179 रन

पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम कंगारुओं की गेंदबाजी के आगे पस्त हो गई और 50 ओवर तक खेल भी नहीं पाई. पाकिस्तान की ओर से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन अराफात मिन्हास और अज़ान ओवैस का रहा, जिन्होंने 52-52 रन बनाए. पाकिस्तान के अन्य खिलाड़ी बमुश्किल दो अंकों में पहुंचे.

टॉम स्ट्राकर ने छह विकेट लिये

ऑस्ट्रेलिया की ओर से टॉम स्ट्राकर ने बेहतरीन गेंदबाजी की और 9.5 ओवर में 24 रन देकर छह विकेट लिए. वहीं हरजास सिंह ने एक विकेट लिया. हरजास सिंह भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं. टाॅम स्ट्राकर को पिच से बहुत मदद मिली और उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया.

प्लेइंग 11

ऑस्ट्रेलिया U19 : हैरी डिक्सन, सैम कोन्स्टास, ह्यू वेइबगेन (कप्तान), हरजस सिंह, रयान हिक्स (विकेटकीपर), टॉम कैंपबेल, ओलिवर पीक, राफ मैकमिलन, टॉम स्ट्राकर, महली बियर्डमैन, कैलम विडलर

पाकिस्तान U19 : शमील हुसैन, शाहज़ेब खान, अज़ान अवैस, साद बेग (w/c), अहमद हसन, हारून अरशद, अराफात मिन्हास, नवीद अहमद खान, उबैद शाह, मोहम्मद जीशान, अली रजा

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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