World Cup 2023: क्या पाकिस्तान के साथ हुई बेईमानी? हार के बाद DRS पर बवाल, बाबर सेना के सपोर्ट में उतरे भज्जी

दक्षिण अफ्रीका के तबरेज शम्सी के हारिस रउफ की पगबाधा अपील से बचने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, क्योंकि टीवी अंपायर ने नॉट आउट देने के मैदान अंपायर के फैसले पर कायम रहने का फैसला किया. इस हार से पाकिस्तान की टीम विश्व कप से बाहर होने के कगार पर पहुंच गयी है.

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World Cup 2023: क्या पाकिस्तान के साथ हुई बेईमानी? हार के बाद DRS पर बवाल, बाबर सेना के सपोर्ट में उतरे भज्जी
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Chennai: Pakistan players during the ICC Men’s Cricket World Cup 2023 match between Pakistan and Afghanistan, at MA Chidambaram Stadium, in Chennai, Monday, Oct. 23, 2023. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI10_23_2023_000265B)

World Cup 2023: क्या पाकिस्तान के साथ हुई बेईमानी? हार के बाद DRS पर बवाल, बाबर सेना के सपोर्ट में उतरे भज्जी

पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए विश्व कप मुकाबले में मैच के बेहद अहम मौके पर पगबाधा की अपील में ‘अंपायर्स कॉल’ के परिणाम के मुद्दे पर क्रिकेट जगत दो खेमों में बंट गया है.

दक्षिण अफ्रीका के तबरेज शम्सी के हारिस रउफ की पगबाधा अपील से बचने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, क्योंकि टीवी अंपायर ने नॉट आउट देने के मैदान अंपायर के फैसले पर कायम रहने का फैसला किया. इस हार से पाकिस्तान की टीम विश्व कप से बाहर होने के कगार पर पहुंच गयी है.

हरभजन सिंह, ग्रीम स्मिथ जैसे पूर्व क्रिकेटरों और हर्षा भोगले जैसे कमेंटेटरों ने भी अपने विचार व्यक्त करने के लिए एक्स (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लिया.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान कप्तान मिस्बाह उल हक ने ‘अंपायर्स कॉल’ के नियम को खेल से हटाने की वकालत की. हरभजन ने भी इसी तरह विचार व्यक्त किये. उन्होंने कहा, खराब अंपायरिंग और खराब नियमों के कारण पाकिस्तान को यह मैच गंवाना पड़ा. आईसीसी को यह नियम बदलना चाहिए…अगर गेंद स्टंप से टकरा रही है तो आउट है, चाहे अंपायर ने आउट दिया हो या नॉटआउट, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता…अन्यथा तकनीक का क्या फायदा?

इस तकनीक पर काम करने वाले लोगों की हालांकि राय उनसे अलग है. आईसीसी में इसस मुद्दे से जुड़े एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, इस समय, ‘अंपायर्स कॉल’ को हटाया नहीं जाएगा. आखिरकार, डीआरएस का मुख्य कार्य अंपायरों की भूमिका को कम/प्रतिस्थापित करना नहीं है, बल्कि त्रुटियों को सुधारकर इसे बढ़ाना है. मुझे लगता है कि यह सबसे अच्छा तरीका है.

भोगले ने एक्स पर अपना दृष्टिकोण साफ करते हुए ‘अंपायर्स कॉल’ को सही करार दिया. उन्होंने लिखा, ‘ गेंद के पैड से टकराने के बाद, आप जो देखते हैं वह एक अनुमान है कि गेंद कहां हो सकती है, यह वास्तविक गेंद नहीं है क्योंकि इसमें कोई रुकावट आ गई है. यदि गेंद का 50% से अधिक हिस्सा स्टंप्स से टकराने का अनुमान है , आप 100% आश्वस्त हो सकते हैं कि ऐसा होगा. लेकिन अगर गेंद का 50% से कम हिस्सा स्टंप्स से टकराने का अनुमान है, तो मौजूदा सटीकता स्तर 100% निश्चितता के साथ नहीं बता सकता है कि गेंद स्टंप से टकराई होगी. उन्होंने कहा, ऐसे में आप अंपायर के मूल निर्णय को मान सकते है क्योंकि उसे बदलने के लिए आप पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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